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तालिबान ने उस मस्जिद पर किया हमला जहाँ गोली लगने के बाद गए थे सिद्दीकी- रिपोर्ट

अमेरिका आधारित एक पत्रिका में गुरुवार (29 जुलाई) को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय छाया पत्रकार दानिश सिद्दीकी को ना सिर्फ गोलीबारी में मारा गया बल्कि तालिबान द्वारा उनकी पहचान की पुष्टि करने के बाद क्रूरता से हत्या कर दी गई थी।

कंधार के स्पिन बोल्डक जिले में युद्ध को कवर करने के दौरान रॉयटर्स के लिए काम कर रहे सिद्दीकी की मौत हो गई थी। वॉशिंगटन एक्ज़ामिनर ने अफगान अधिकारियों का हवाला देते हुए अपनी रिपोर्ट में कहा, “सिद्दीकी, जो युद्धग्रस्त देश में एक नियत कार्य पर थे, ने अफगान की राष्ट्रीय सेना टीम के साथ स्पिन बोल्डक क्षेत्र की यात्रा की, ताकि पाकिस्तान के साथ लगे सीमा क्रॉसिंग पर नियंत्रण के लिए अफगान बलों और तालिबान के बीच चल रहे युद्ध को कवर कर सकें।”

रिपोर्ट के अनुसार, जब वे सीमा शुल्क चौकी के एक-तिहाई मील के भीतर पहुँचे, तो तालिबान के हमले ने टीम को विभाजित कर दिया। कमांडर और कुछ लोग सिद्दीकी से अलग हो गए, जो तीन अन्य अफगान सैनिकों के साथ थे।

आगे कहा, “हमले में सिद्दीकी को छर्रे लगे। वह और उनकी टीम एक मस्जिद में गई, जहाँ प्राथमिक उपचार मिला। हालाँकि, जैसे ही खबर फैली कि एक पत्रकार मस्जिद में है, तालिबान ने हमला कर दिया।”

स्थानीय जाँच से पता चलता कि आतंकियों ने सिद्दीकी की उपस्थिति के कारण ही मस्जिद पर हमला किया था। बयान में कहा गया, “सिद्दीकी जीवित थे, जब तालिबान ने उन्हें पकड़ा। तालिबान ने उनकी पहचान की पुष्टि की और फिर उन्हें और उनके साथ के लोगों को मार डाला।”

रिपोर्ट में कहा गया, “तालिबान का हमला करने, सिद्दीकी को मारने और फिर उनके शव को क्षत-विक्षत करने का निर्णय दर्शाता है कि वे युद्ध के नियमों का सम्मान नहीं करते हैं।”