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कुरान जलाए जाने के बाद चार दिन से हिंसा व आगजनी की चपेट में स्वीडन, कई घायल

स्वीडन में प्रदर्शन के दौरान कुरान जलाए जाने के बाद देश के कई शहरों में बीते चार दिनों से हिंसा जारी है। रविवार को पुलिस ने दंगाइयों को चेतावनी देते हुए गोलियाँ चलाईं, जिसमें नोरशोपिंग शहर में तीन लोग घायल हो गए। पुलिस ने 17 लोगों को गिरफ्तार किया।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, नोरशोपिंग के अतिरिक्त लिंशोपिंग, स्टॉकहोम, ओरेबरो, लैंडस्क्रोना और मलमों से झड़प की खबरें सामने आई थीं।

हिंसा के शुरुआती तीन दिन में करीब 16 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। होम, लिंशोपिंग और नोरशोपिंग के अलावा स्टॉकहोम के उपनगरीय क्षेत्रों में कई पुलिस के वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया।

उधर, स्वीडन के न्यायमंत्री मॉर्गन जोहान्सन ने दंगाइयों को तत्काल घर जाने के लिए कहा है।

बता दें कि डेनिश नेता रासमस पालुदान की बैठकों और स्वीडन के अलग-अलग शहरों में कुरान जलाने की योजना के बाद गुरुवार (14 अप्रैल) से हिंसा फैली थी। पालुदान स्वीडन के नागरिक व वकील हैं। उन्होंने 2017 में स्ट्रास कुर्स का गठन किया था। यह पार्टी अप्रवास और इस्लाम विरोधी मुद्दों पर काम करती है।

कहा जा रहा था कि पालुदान फिर से प्रदर्शन करेंगे लेकिन फेसबुक पेज के जरिए उन्होंने जानकारी दी कि रैली रद्द कर दी गई। उन्होंने लिखा, “स्वीडन के अधिकारियों ने दिखा दिया कि वे स्वयं की और मेरी रक्षा करने में असमर्थ हैं। यदि मुझे कुछ हो जाता तो यह स्वीडन, डेनमार्क व उत्तर के नागरिकों के लिए दुखद होता।”