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सूरत हवाई अड्डे का अत्याधुनिक विस्तारित टर्मिनल भवन 2022 के अंत तक तैयार होगा

सूरत हवाई अड्डे के समग्र विकास की दिशा में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) 353 करोड़ रुपये की परियोजना लागत के साथ व्यापक रूप से काम कर रहा है।

परियोजना का महत्व इसलिए है क्योंकि सूरत गुजरात की वित्तीय राजधानी है और भारत में हीरा व कपड़ा व्यवसाय का केंद्र है इसलिए यह बड़ी संख्या में हवाई यात्रियों को आकर्षित करता है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बुधवार (1 जून) को एक विज्ञप्ति में कहा, “एएआई की सूरत हवाई अड्डा विकास परियोजना में मौजूदा टर्मिनल भवन का 8,474 वर्गमीटर से 25,520 वर्गमीटर तक विस्तार शामिल है। टर्मिनल भवन के विस्तार के अतिरिक्त विमान खड़े करने की जगह का पाँच पार्किंग खंड से बढ़ाकर 18 पार्किंग खंड तक विस्तार और समानांतर टैक्सी ट्रैक (2905 मीटर X30 मीटर) का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।

मंत्रालय ने कहा कि परियोजना के पूरा होने के बाद नया अत्याधुनिक विस्तारित टर्मिनल भवन व्यस्त समय के दौरान 1,200 घरेलू और 600 अंतर-राष्ट्रीय यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा, जिससे वार्षिक यात्री क्षमता 26 लाख हो जाएगी।

सभी आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस टर्मिनल भवन में 20 चेक-इन काउंटर, पाँच एयरोब्रिज, इन-लाइन बैगेज हैंडलिंग सिस्टम, आने वाले यात्रियों के लिए पाँच कन्वेयर बेल्ट होंगे।

नए टर्मिनल भवन में 475 कारों की क्षमता वाला एक पार्किंग क्षेत्र भी होगा।

यह टर्मिनल संवहनीयता विशेषता के साथ 4-सितारा गृह (गृह) रेटेड ऊर्जा कुशल भवन होगा। टर्मिनल भवन के अंदरूनी भाग में गुजरात की कला और संस्कृति की झलक होगी। टर्मिनल भवन के विस्तार का 58 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है और भवन 31 दिसंबर 2022 तक बनकर तैयार हो जाएगा।