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सुन्नी संगठन ने पीएफआई के असामाजिक गतिविधियों के चलते किया बहिष्कार का आह्वान

सुन्नी छात्र संघ ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर उनके भड़काऊ कार्यों, भाषणों और घोषणाओं से समाज में शांति और सद्भाव को बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए मुस्लिम समुदाय से उनका पूरी तरह से बहिष्कार करने का आह्वान किया।

हेडलाइंस कर्नाटक की रिपोर्ट के अनुसार, केरल एसएसएफ के राज्य सचिव एसएन जफर ने कोझीकोड में एसएसएफ की राज्य संगठनात्मक बैठक में पीएफआई के बहिष्कार का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, “एक युवा लड़के द्वारा धमकी देने वाले नारे लगाने का मामला एक भयानक घटना है। शांति और सद्भाव से प्यार करने वाले लोगों ने जब इस तरह के व्यवहार की निंदा की तो पीएफआई ने इसका समर्थन किया और सुखियों में आने का प्रयास किया। ऐसे युवा लोगों की सोच में कट्टरपंथी नफरत के बीज बोना मानवता के विरुद्ध है, जिसे सद्भाव का संदेश सिखाया जाना चाहिए।”

एसएन जफर ने कहा, “पीएफआई के तरीकों और कामकाज के परिणामस्वरूप लोगों में इस्लाम के बारे में गलत धारणाएँ पैदा हुई हैं और मुस्लिम समुदाय हर कीमत पर इसकी गतिविधियों का समर्थन करने से बच सकता है और उनकी पूरी तरह से निंदा कर सकता है।”

सुन्नी छात्र संघ 1973 में केरल में स्थापित एक इस्लामी छात्र संगठन है।