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रामनवमी जुलूस पर पथराव- 84 गिरफ्तार, आरोपियों के अवैध निर्माण पर चला बुलडोज़र

मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी जुलूस पर पथराव के एक दिन पश्चात जिला प्रशासन ने 80 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर आरोपितों के अवैध निर्माणों पर बुलडोज़र चलाना शुरू कर दिया।

रविवार (10 अप्रैल) को रामनवमी के जुलूस पर दंगाइयों द्वारा रामनवमी जुलूस पर पथराव किए जाने के बाद प्रशासन ने तुरंत खरगोन में कर्फ्यू लगा दिया था।

एएनआई ने संभागीय आयुक्त पवन शर्मा के हवाले से कहा, “इसके अतिरिक्त, शहर में सांप्रदायिक हिंसा पर अफवाह फैलाने के लिए तीन सरकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया।”

इंदौर के संभागीय आयुक्त पवन शर्मा ने खरगोन में संवाददाताओं से कहा, “सरकार की दंगों के लिए शून्य सहनशीलता की नीति है। अब तक 84 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और इन आरोपियों के 50 अवैध निर्माणों की पहचान की गई है। इन अवैध निर्माणों को गिराने का काम शुरू हो चुका है।”

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की, “दंगाइयों को छोड़ा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्हें ना केवल जेल भेजा जाएगा बल्कि सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के लिए भी भुगतान करवाया जाएगा। हिंसा के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई दंगाइयों से की जाएगी।”

शर्मा के साथ खरगोन में महानिरीक्षक (आईजी) राकेश गुप्ता ने कहा कि शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई जारी है।

मप्र के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के मुताबिक, खरगोन के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ चौधरी को गोली लगने से वे घायल हो गए थे। इसके अलावा, घटना के दौरान छह और पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे।