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“रामानुजाचार्य की समानता की मूर्ति से विश्व में सनातन धर्म का संदेश फैलेगा”- अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद में मंगलवार को कहा कि रामानुजाचार्य की समानता की मूर्ति आने वाले वर्षों में विशिष्टाद्वैत, समानता और सनातन धर्म का संदेश पूरे विश्व तक पहुँचाएगी।

श्री रामानुजाचार्य की सहस्राब्दी जयंती समारोह में अमित शाह ने कहा, “रामानुजाचार्य की प्रतिमा कई वर्षों तक काम करने के लिए चेतना और उत्साह प्रदान करेगी।”

अमित शाह ने कहा कि रामानुजाचार्य बहुत विनम्र थे लेकिन वे एक क्रांतिकारी भी थे। उन्होंने अपने दम पर कई कुप्रथाओं को समाप्त भी किया था।

उन्होंने कहा, “भारत के अब तक के इतिहास पर नजर डालें तो यहाँ कई उतार-चढ़ाव आए हैं। सनातन धर्म ने अपने अस्तित्व को बनाए रखा और समय के संघर्ष के साथ बिना रुके आगे बढ़ता गया। समाज में समभाव स्थापित करने हेतु द्वैत-अद्वैत और फिर विशिष्टाद्वैत के साथ कई आचार्यों ने जटिल ज्ञान को उपयोग में आसान बनाने पर काम किया। इसमें उसमें सबसे बड़ा योगदान रामानुजाचार्य जी का था।”

अमित शाह ने कहा, “रामानुजाचार्य ने 1,000 वर्ष पूर्व जातिगत भेदभाव को समाप्त करने के लिए क्रांतिकारी काम किया था। इसमें क्षमता के अनुसार काम का विभाजन, पूजा के अधिकार, मंदिर के संचालन को 20 भागों में विभाजित करना और भाषा की समानता व मुक्ति के अधिकार को वर्ग-विशिष्ट होने की बजाय सभी को समान रूप से दिया जाना सम्मिलित है। रामानुजाचार्य ने महिला सशक्तिकरण के लिए भी काम किया हैं।”

अमित शाह ने कहा कि जब आक्रमणकारियों ने भारत के मंदिरों पर हमला किया तो रामानुजाचार्य ने घर में भगवान् की पूजा करने की परंपरा शुरू की थी, जिसके कारण सनातन धर्म बचा है।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 फरवरी को शहर के बाहरी क्षेत्र में मुचिन्तल में चिन्ना जीयार स्वामी आश्रम में रामानुजाचार्य की 216 फीट की प्रतिमा का उद्घाटन किया था।