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“तेलंगाना मुख्यमंत्री के दावे झूठे, राज्य किसी से भी अक्षय ऊर्जा खरीदने को स्वतंत्र”- केंद्र

केंद्रीय विद्युत एवं अक्षय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव द्वारा किए गए दावों को खारिज किया कि केंद्र राज्य सरकारों को कुछ विकासकर्ताओं से हरित ऊर्जा खरीदने के लिए विवश कर रहा था।

नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय के बयान के अनुसार, आरके सिंह ने कहा कि यह झूठ है, राज्य अपनी बोलियाँ रखने और उन बोलियों के आधार पर किसी भी विकासकर्ता से अक्षय ऊर्जा खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा मंत्री एक बयान के संबंध में बता रहे थे, जिसमें तेलंगाना मुख्यमंत्री ने कहा था कि प्रधानमंत्री राज्यों से उन कंपनियों द्वारा उत्पादित सौर ऊर्जा खरीदने के लिए कह रहे हैं, जो उनकी पार्टी को धन देती हैं।

मंत्रालय के बयान के अनुसार, भारतीय सौर ऊर्जा निगम (एसईसीआई) समय-समय पर अक्षय ऊर्जा के लिए खुली बोलियाँ लगाता है। राज्य एसईसीआई द्वारा बोलियों के आधार पर विद्युत खरीदने की बजाय अपनी स्वयं की बोली लगाने और किसी भी विकासकर्ता से हरित ऊर्जा खरीदने के लिए स्वतंत्र थे।

आगे कहा गया कि एसईसीआई की बोलियाँ अत्यधिक प्रतिस्पर्धी हैं। इसमें कई कंपनियाँ प्रतिस्पर्धा करती हैं और कम से कम टैरिफ प्रस्तुत करने वालों को खुली बोली के माध्यम से चुना जाता है। इसके पश्चात जो राज्य उन बोलियों से विद्युत खरीदना चाहते हैं, वे अपनी आवश्यकता के अनुसार ऐसा करते हैं।

मंत्रालय ने पनबिजली के बारे में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के बयान को यह कहते हुए खारिज किया कि वे जिस हाइड्रो पावर क्षमता के बारे में बात कर रहे हैं, उसका निर्माण पीएफसी और आरईसी द्वारा दिए गए ऋणों के कारण किया जा रहा है, जो दोनों भारत सरकार की कंपनियाँ हैं।

मंत्रालय ने मुख्यमंत्री के इस बयान को भी खारिज किया कि केंद्र राज्यों पर किसानों को बिजली कनेक्शन देने का दबाव बना रहा है।