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अगस्त तक आईएमएफ को ऋण पुनर्गठन कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे- श्रीलंकाई प्रधानमंत्री

श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने मंगलवार को संसद में कहा, “आर्थिक संकट से उबरने के लिए बेलआउट पैकेज को लेकर अंतर-राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ श्रीलंका एक दिवालिया देश के रूप में वार्ता कर रहा है।”

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, रानिल विक्रमसिंघे ने आर्थिक सुधार योजना पर जानकारी दी, “अंतर-राष्ट्रीय मुद्रा कोष से पहले दौर की वार्ता सफल रही। देश ने पहले भी कई मौकों पर आईएमएफ से वार्ता की है। इस बार परिस्थितियाँ अलग हैं। हम एक दिवालिया देश के रूप में उनसे वार्ता आगे बढ़ा रहे हैं।”

अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कुछ दिनों पूर्व आईएमएफ से वार्ता पूरी हो जाने के बाद श्रीलंका में अमेरिकी निवेश को बढ़ावा देने को लेकर आश्वस्त किया था।

आईएमएफ की एक टीम ने आर्थिक कार्यक्रम पर चर्चा जारी रखने के लिए 20 जून को कोलंबो का दौरा किया था, जिसे आईएमएफ ऋण व्यवस्था द्वारा समर्थित किया जा सकता है।

अंतर-राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने बाद में कहा था कि हमने श्रीलंकाई अधिकारियों के साथ रचनात्मक व उत्पादक चर्चा समाप्त कर ली। साथ ही आगाह भी किया कि संकटग्रस्त द्वीप राष्ट्र को ऋण पुनर्गठन पर और अधिक कार्य करने और एक बेलआउट पैकेज को अंतिम रूप देने से पूर्व भ्रष्टाचार की कमजोरियों को दूर करने के लिए संरचनात्मक सुधारों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

डेली मिरर अखबार ने संसद में विक्रमसिंघे के हवाले से कहा, “आईएमएफ के साथ चर्चा का पहला दौर सफल रहा है लेकिन सहायता ऋण पुनर्गठन कार्यक्रम पर निर्भर करती है, जिसे श्रीलंका को लाना है।”

विक्रमसिंघे ने कहा, “श्रीलंका इस वर्ष अगस्त में अंतर-राष्ट्रीय मुद्रा कोष को ऋण पुनर्गठन कार्यक्रम की रिपोर्ट सौंपेगा। हमने जिन विशेषज्ञ कंपनियों को काम पर रखा है, वे एक ऋण पुनर्गठन कार्यक्रम तैयार करने की प्रक्रिया में हैं। इस वर्ष अगस्त में आईएमएफ को इसकी रिपोर्ट सौंपेंगे।”