समाचार
श्रीलंका ने कच्चे तेल की खरीद के भुगतान हेतु भारत से 50 करोड़ डॉलर का ऋण मांगा

गंभीर विदेशी मुद्रा संकट का सामना कर रहे श्रीलंका ने अपने कच्चे तेल की खरीद का भुगतान करने के लिए भारत से 50 करोड़ डॉलर का ऋण मांगा है।

देश के सरकारी स्वामित्व वाली सीलोन पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (सीपीसी) का अपने सरकारी बैंकों पीपुल्स बैंक और बैंक ऑफ सीलोन पर लगभग 3.3 अरब डॉलर बकाया है।

श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री उदय गम्मनपिला ने चेतावनी दी कि द्वीप राष्ट्र में ईंधन की वर्तमान उपलब्धता की गारंटी जनवरी 2022 तक ही दी जा सकती है।

उनके राज्य के तेल वितरक मध्य-पूर्वी देशों से कच्चे तेल का आयात करते हैं।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस के हवाले से सीपीसी के अध्यक्ष सुमित विजेसिंघे ने कहा, “हम वर्तमान में भारत-श्रीलंका आर्थिक साझेदारी व्यवस्था के तहत सुविधा (50 करोड़ अमेरिकी डालर का ऋण) प्राप्त करने के लिए भारतीय उच्चायोग से वार्ता में लगे हुए हैं।”

इस सुविधा का उपयोग अब पेट्रोल और डीजल के लिए उनकी आवश्यकताओं की खरीद में किया जाएगा।

द्वीप राष्ट्र के वित्त सचिव एसआर अट्टीगले ने बताया कि भारत और श्रीलंका के ऊर्जा सचिव जल्द ही ऋण के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले हैं।

इस बीच, श्रीलंका सरकार ने ईंधन की अपेक्षित खुदरा कीमतों में वृद्धि को रोक दिया है। हालाँकि, उन्होंने गत सप्ताह रसोई गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि की थी।