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श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में मथुरा न्यायालय 19 मई को अपना निर्णय सुनाएगा

मथुरा के एक न्यायालय ने गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद मामले में अपना निर्णय 19 मई के लिए सुरक्षित रख लिया है।

यह निर्णय मामले में पहले मुकदमे से संबंधित है। दायर याचिका में भगवान् श्रीकृष्ण विराजमान की अंतरंग सखी के तौर पर अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री और छह भक्त हैं।

इस मामले में तीन मुकदमों में से दूसरा मुकदमा हिंदू सेना प्रमुख मनीष यादव ने और तीसरा पाँच अन्य वादी ने अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह के माध्यम से दायर किया था।

मुकदमों में 1669-70 में कथित तौर पर भगवान् कृष्ण के जन्मस्थान के पास कटरा केशव देव मंदिर के 13.37 एकड़ के परिसर में मुगल सम्राट औरंगजेब के आदेश पर बनी मस्जिद को हटवाने की मांग की गई है।

जिला सरकारी वकील (नागरिक) संजय गौड़ ने बताया, “दोनों पक्षों की दलीलें गुरुवार को समाप्त होने के बाद सत्र न्यायाधीश राजीव भारती ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले पर निर्णय सुनाने के लिए 19 मई की तिथि निश्चित की है।”

उन्होंने कहा, “स्वयं को भगवान् श्रीकृष्ण विराजमान की अंतरंग सखी के तौर पर बताते हुए अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री और छह भक्तों ने गत वर्ष 25 सितंबर को श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट की 13.37 एकड़ भूमि के एक भाग पर बनी शाही मस्जिद ईदगाह को स्थानांतरित करने के लिए सिविल जज सीनियर डिवीजन की न्यायालय में याचिका दायर की थी।”