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डार्क फाइबर मामले में सेबी ने एनएसई, चित्रा रामकृष्ण सहित अन्य पर जुर्माना लगाया

सेबी ने डार्क फाइबर मामले में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई), उसके व्यवसाय विकास अधिकारी रवि वाराणसी, पूर्व एमडी और सीईओ चित्रा रामकृष्ण, उनके सलाहकार सुब्रमण्यम आनंद और कुछ शेयर ब्रोकरों सहित 18 संस्थाओं पर कुल 44 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।

एनएसई और उसके पूर्व अधिकारियों के अतिरिक्त सेबी ने अन्य स्टॉक ब्रोकर वे2वेल्थ ब्रोकर्स, जीकेएन सिक्योरिटीज, संपर्क इंफोटेनमेंट और उनके संबंधित कर्मचारियों जुर्माना लगाया है।

नियामक ने एनएसई पर सात करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही रामकृष्ण, वाराणसी और सुब्रमणियम आनंद पर पाँच-पाँच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। ये समूह संचालन अधिकारी और तत्कालीन एमडी रामकृष्ण के सलाहकार थे।

इसके अतिरिक्त, सेबी ने नागेंद्र कुमार एसआरवीएस और देवीप्रसाद सिंह पर एक-एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। सेबी ने वे2वेल्थ ब्रोकर्स पर 6 करोड़ रुपये, जीकेएन सिक्योरिटीज पर 5 करोड़ रुपये और संपर्क इंफोटेनमेंट पर 3 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।

मंगलवार को पारित सेबी के एक आदेश के अनुसार, उन्हें 45 दिनों के भीतर जुर्माना राशि का भुगतान करने के लिए कहा गया है।

यह मामला एनएसई में डार्क फाइबर के रूप में कुछ ब्रोकिंग कंपनियों को अन्य सदस्यों के मुकाबले सूचना प्राप्त करने को लेकर पहले पहुँच की सुविधा देने से जुड़ा है। इसके तहत उन्हें अन्य सदस्यों का तुलना में कोलेकेशन सुविधा से जुड़ने की सुविधा दी गई थी।

सेबी ने अपने आदेश में कहा, “वे2वेल्थ और जीकेएन ने एनएसई और संपर्क के कर्मचारियों के साथ साठ-गांठ कर उनके पास उपलब्ध आँकड़ा अन्य के मुकाबले कुछ जल्दी प्राप्त कर अनुचित तरीके से लाभ कमाया है।”

सेबी ने जिन पर जुर्माना लगाया, वे नागेंद्र कुमार एसआरवीएस, देवीप्रसाद सिंह और एमआर शशिभूषण, प्रशांत डिसूजा, ओम प्रकाश गुप्ता, सोनाली गुप्ता, राहुल गुप्ता, नेताजी पाटिल, रीमा श्रीवास्तव, प्रशांत मित्तल, मोहित मुतरेजा हैं।