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किसानों ने अपने शहर का गला घोंटा, अब अंदर प्रदर्शन करना चाहते हैं- सर्वोच्च न्यायालय

सर्वोच्च न्यायालय ने तीन कृषि कानूनों के विरुद्ध दिल्ली में विरोध प्रदर्शन की अनुमति मांग रहे किसान संगठन किसान महापंचायत को शुक्रवार (1 अक्टूबर) को फटकार लगाई। न्यायालय ने कहा, “आपने शहर का गला घोंट दिया। अब आप शहर के अंदर प्रदर्शन करना चाहते हैं।”

एबीपी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान के एक संगठन किसान महापंचायत ने सर्वोच्च न्यायालय से मांग की कि उसे जंतर-मंतर में शांतिपूर्ण सत्याग्रह की अनुमति दी जाए। इस पर न्यायालय ने कहा, “आपको विरोध का अधिकार है लेकिन दूसरों की संपत्ति नष्ट नहीं कर सकते हैं।”

न्यायाधीश एएम खानविलकर और न्यायाधीश सीटी रविकुमार ने कहा, “सत्याग्रह का अर्थ क्या है। आप एक तरफ सर्वोच्च न्यायालय में कृषि कानूनों को चुनौती देते हैं। दूसरी तरफ, विरोध प्रदर्शन करते हैं। क्या आपका विरोध न्यायपालिका के विरुद्ध है। अगर यहाँ आए हैं तो इस पर विश्वास करना चाहिए।”

किसान महापंचायत के वकील ने कहा कि किसान सीमित संख्या में जंतर-मंतर पर सत्याग्रह की अनुमति मांग रहे हैं। हमने किसी का रास्ता नहीं रोका है। हाईवे पर बैरिकेडिंग पुलिस ने लगाई है। हमारा संगठन वहाँ चल रहे प्रदर्शन का हिस्सा नहीं है।

इस पर न्यायालय ने याचिकाकर्ता से लिखित में देने को कहा कि उनका संगठन दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलन में सम्मिलित नहीं है। साथ ही एटॉर्नी जनरल को अपनी याचिका की प्रति सौंपने को भी कहा। अब मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी।