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सर्वोच्च न्यायालय ने दिया सुपरटेक की दो अवैध 40 मंजिला इमारत गिराने का आदेश

सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार (31 अगस्त) को रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक के नोएडा एक्सप्रेस-वे स्थित एमराल्ड कोर्ट योजना के अपैक्स एंड स्यान यावे-16 व 17 को अवैध ठहराया। साथ ही दोनों 40 मंजिला इमारतों को गिराने का आदेश दिया।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाओं पर अपना निर्णय सुनाते हुए कहा, “बिल्डर कंपनी को इन दोनों टावरों के 1,000 निवेशकों को 12 प्रतिशत की ब्याज दर से पूरी राशि लौटाए।”

इससे पूर्व, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नियमों का उल्लंघन करने के चलते दोनों इमारतों को गिराने का निर्देश दिया था, जिसे सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। न्यायालय ने कहा, “यह अवैध निर्माण नोएडा प्राधिकरण और सुपरटेक के अधिकारियों के बीच मिलीभगत का परिणाम है।”

बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय ने याचिकाओं पर 4 अगस्त को अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। साथ ही परियोजना के आवास खरीदारों को स्वीकृत योजना मुहैया करवाने में विफल रहने पर नोएडा प्राधिकरण को फटकार लगाते हुए कहा था कि आप चारों ओर से भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।