समाचार
सपा और सुभासपा ने किया गठबंधन, भाजपा को सत्ता से बाहर करने का लिया संकल्प

उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) ने औपचारिक रूप से गठबंधन की घोषणा की। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ शिष्टाचार भेंट के बाद सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने गठबंधन को लेकर स्थिति स्पष्ट की।

अखिलेश यादव से वार्ता के दौरान राजभर ने भाजपा यानी अपने पूर्व सहयोगी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के दिन अब खत्म हो गए हैं क्योंकि इसने समाज के हर वर्ग खासकर दलितों, ओबीसी और अल्पसंख्यकों के साथ विश्वासघात किया है। सुभासपा प्रमुख ‘अबकी बार, भाजपा साफ’ के नारे के साथ आए हैं।

दूसरी ओर, समान विचारधारा वाले छोटे दलों के साथ गठबंधन की बात कहने वाली सपा ने कहा कि राज्य में भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए सपा और सुभासपा एक साथ आई हैं।

पार्टी के एक सूत्र ने कहा, “अखिलेश यादव समाजवादी आदर्शों पर आधारित एक सामंजस्यपूर्ण, समावेशी और समतावादी समाज बनाना चाहते हैं। इस संकल्प को पूरा करने के लिए पार्टी सभी को साथ लेकर आगे बढ़ रही है।”

सूत्र ने आगे कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी सरकार ने वंचितों, शोषितों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों सहित गरीबों, दलितों एवं पिछड़े वर्गों के लिए ढेरों काम किए हैं। इसी वजह से सपा हाशिए पर पड़े लोगों की आवाज़ बनने वाली सुभासपा के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश को सर्वांगीण विकास के रास्ते पर ले जाने के लिए तैयार है।

इससे पूर्व, सुभासपा प्रमुख ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई वार्ता के बाद भाजपा से गठबंधन की संभावना से मना कर दिया क्योंकि पार्टी उनकी मांगों पर सहमत नहीं थी।