व्यंग्य
सत्यमेव जयते में निहित है सत्य और मेवे में संबध का राष्ट्रीय भाव- सिरफिरों का सप्ताहांत

प्रसंग- भारतीय लोकतंत्र में सत्यमेव जयते की व्याख्या।

सत्य बड़ा शरारती है। भारतीय लोकतंत्र में तो मुझे जान पड़ता है सत्य एक स्कैम से अधिक कुछ नहीं। राजनीति का सत्य कभी भी उदास हो जाता है, परेशान हो जाता है, उत्साहित हो जाता है, चकित हो जाता है। परंतु सत्य पराजित नहीं होता है। मुझे यह भी असत्य जान पड़ता है।

‘सत्यमेव जयते’ का महान उद्घोष हमने राष्ट्र चिन्ह पर टाँक दिया और मान लिया कि सत्य की ही जय होती है। परंतु समस्या यह है कि यह स्वतंत्रता के पश्चात भारतीयों की, विशेषकर भारतीय नेताओं की हिंदी और संस्कृत ख़राब होती चली गई। वे आज कल प्रश्न के स्थान पर ‘प्रशन्न’ करते हैं। उन्होंने इस श्लोक को ग़ालिब की शायरी की तर्ज़ पर बहुआयामी, बहुअर्थी रहस्यवाद का आवरण दिया है जहाँ इसके विभिन्न लोगों के लिए विभिन्न अर्थ हो जाते हैं जो कि मूल अर्थ से सर्वथा भिन्न हों।

जैसे कि कुछ विधायक मानते हैं कि जो सत्य मेवा देता है उसकी जय होती है। एक दूसरे छोर पर ऐसे राजनीतिक अरस्तू भी खड़े हैं जो इस वाक्य को पूर्णतया दार्शनिक मोड़ देते हुए मानते हैं कि सत्य भी उसी का होता है, एवं मेवा भी वही देता है जिसकी जय होती है। मेरे समान मध्यमवर्गीय व्यक्ति यह मानता है कि इस श्लोक में ऋषि यह कहना चाहते हैं कि हमें उसी की बात को सत्य मानना चाहिए और उसी की जय-जयकार लगानी चाहिए जो हमें मेवा प्रदान करे।

इस सिद्धांत की अंतिम व्याख्या को सत्य मानते हुए आम आदमी को सत्य एवं मेवे के संबंधों को स्वीकारना चाहिए, और सत्य और सत्ता के संबंध को पहचानते हुए राष्ट्रीय चिन्ह के ऊपर टँगे सिंह को समझना होगा। जो इस सत्य एवं मेवे के मिलन राष्ट्रीय भाव को भली-भाँति समझ नहीं पाता वह सत्ता-रूपी सिंह का भोजन बनता है, जो यह समझ पाता है, वह अपने आनंद भवन के हरे भरे लॉन में आनंदित होता है, वायसराय से दोस्ती गाँठता है और सात पुश्तों के लिए राष्ट्रव्यापी ज़मींदारी पट्टा लिखवा लेता है।

आम आदमी सत्य के सर्कस को देखकर रोमांचित होता है, उत्साहित होता है। वह वाकई यह मानने लगता है कि सत्य की ही अंततः विजय होगी। सत्यनिष्ठ होकर कर्म करता है, कर देता है। कोरोना काल ने निष्ठापूर्वक निषेधाज्ञा का पालन करता है और टीवी पर मेवा बाँटने और पाने वालों को पिकनिक मनाते जाते देखता है, और उस शाम को राष्ट्रहित में और अधिक उग्र उत्साह के साथ थालियाँ और तालियाँ बजाता है।

स्वतंत्र भारत में सत्य सर्कस का शेर है जो सत्ता के चाबुक के इशारे पर करतब दिखाता है। जनता इस सत्य को परेशान, पराजित और पालतू होते हुए देखकर तालियाँ पीटती है। राजस्थान में पीछे दिन बरसात का बहुत आतंक रहा, कोरोना का भी उससे पहले प्रहार राज्य पर भीषण रहा। परंतु वहाँ के मुख्यमंत्री बहुत जागरूक हैं। उनके केशविन्यास से उनकी जागरूकता का भान होता है, और उनके केश लोकतंत्र के सजग प्रहरी की भाँति सावधान खड़े रहते हैं।

उनके सुपुत्र हाल में चुनाव हार गए। इससे उत्साहित होकर उनके सहयोगी उप-मुख्यमंत्री सत्य का सर्कस लेकर गाँव-देहात निकल गए। उन्होंने महामारी के काल में सत्य के मनोरंजक कार्यक्रम भारतीय जनता को दिखाए एवं अत्यंत निराशा के समय जनता में लोकतंत्र के प्रति जनता में नव उत्साह का संचार किया।

एक 5-सितारा होटल से दूसरे 5-सितारा तक लोकतंत्र की झाँकी इस स्वतंत्रता दिवस तक चली और सत्य अंततः अपने ही सिद्धांतों का सत्तू का शर्बत बनाकर पी गया। ऐसे महान नेताओं के कारण ही आम जनता की लोकतंत्र में रुचि बनी रहती है एवं एक आम भारतीय होने के नाते मैं मुख्यमंत्री एवं भूतपूर्व मुख्यमंत्री जी का अभिनंदन करता हूँ। और इस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मेवा प्राप्त करने की अपेक्षा में सत्यमेव जयते का नारा बुलंद करता हूँ।

सत्य को कुछ लोग निरपेक्ष मानते हैं। मेरा मानना यह है कि सत्य सापेक्ष है। मेरा सत्य और आपका सत्य सर्वथा भिन्न हो सकता है। मुंबई के इंस्पेक्टर मातादीन का सत्य उत्तर प्रदेश से दरोग़ा ससिभूसन के सत्य से भिन्न हो सकता है। सत्य समझता है कि चाहे वह मुंबई में छत पर लटका पाया जाए या उत्तर प्रदेश में उसकी गाड़ी पलट जाए, उसकी नियति दोनों परिस्थितियों में एक ही है। अंत: वह उसी स्वर में बोलेगा जिस स्वर में संगीत का आग्रह वह करेगा जिसके हाथ में मेवा हो।

भारतीय पुलिस भी सत्यमेव जयते के सिद्धांत को भली-भाँति समझती है। भारतीय लोकतंत्र अब वरिष्ठ नागरिक हो चुका है, उचित ही है कि वह सत्यमेव जयते का सामाजिक महत्त्व समझ रहा है। स्वतंत्रता दिवस पर सब पाठकों को शुभकामनाएँ पहुँचें, एवंं लोकतंत्र से उनकी अपेक्षाएँ समारोह के अंत में बँटने वाले बूंदी के लड्डुओं से अधिक ना हो। यही हमारा लोकतांत्रिक सत्य है जो ना परेशान है, न पराजित है, जो सिर्फ़ पालतू है।

साकेत लेखक व ब्लॉगर हैं जो @saket71 के माध्यम से ट्वीट करते हैं।