इन्फ्रास्ट्रक्चर
केरल में सबरीमाला हवाईअड्डे का सबसे लंबा रनवे, 2026 में 17 लाख यात्रियों को संभालेगा

नागरिक उड्डयन मंत्रालय को हाल ही में प्रस्तुत संशोधित तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट (टीईएफआर) के अनुसार, प्रस्तावित सबरीमाला हवाई अड्डे में केरल के तीन अंतर-राष्ट्रीय हवाई अड्डों (तिरुवनंतपुरम, कोचीन और कन्नूर) का सबसे लंबा रनवे होगा।

प्रस्तावित सबरीमाला हवाई अड्डे पर रनवे 3500 मीटर लंबा, 45 मीटर चौड़ा होगा और दोनों तरफ से 7.5 मीटर ऑफ-शोल्डर होगा। वहीं, तिरुवनंतपुरम और कोचीन में वर्तमान रनवे 3400 मीटर लंबा है, कन्नूर हवाई अड्डे का रनवे 3050 मीटर लंबा है, जिसमें विस्तार 4000 मीटर तक है।

सबरीमाला अंतर-राष्ट्रीय हवाई अड्डा केरल के कोट्टायम जिले में एरुमेली में बनने वाली एक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना है। प्रस्तावित हवाई अड्डे का स्थान चेरुवली एस्टेट है, जो कभी रबर के बागान का स्थल था।

सबरीमाला मंदिर पश्चिमी घाट का हिस्सा है और भारत के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है। वर्तमान में पहाड़ी मंदिर तक केवल सड़क मार्ग से ही पहुँचा जा सकता है। मंदिर में हर मौसम में लगभग 5 करोड़ तीर्थयात्री आते हैं। इस वजह से तीर्थयात्रा के मौसम में यातायात को आसान बनाने के लिए हवाई अड्डे को एक समाधान माना जाता है।

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एक बार परियोजना के पूरा हो जाने के बाद हवाई अड्डे पर यातायात में 2026 में 16.9 लाख (घरेलू और विदेशी यात्री मिलाकर), 2035 में 32.9 लाख और 2052 में 64.2 लाख की वृद्धि देखी जाएगी। माल-भाड़े के मामले में हवाई अड्डा 2026 में 4.45 मीट्रिक टन का संचालन करेगा। यह 2035 में बढ़कर 7.85 मीट्रिक टन और 2052 में 14.81 मीट्रिक टन हो जाएगा।

परियोजना की अनुमानित लागत 3,900 करोड़ रुपये है, जिसमें भूमि लागत के लिए 260 करोड़ रुपये और पूंजी व्यय के लिए 3,400 करोड़ रुपये सम्मिलित हैं।

परियोजना के लिए टीईएफआर और सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट 2017 में शुरू की गई थी और लुइस बर्जर की सलाहकार एजेंसी द्वारा संचालित की गई थी। हालाँकि, केंद्र ने तकनीकी खामी का हवाला देते हुए टीईएफआर वापस कर दिया है।

लुइस बर्जर की सलाहकार एजेंसी द्वारा तैयार किए गए डिजाइन और टीईएफआर को पिछले साल सितंबर में नागरिक उड्डयन महानिदेशक (डीजीसीए) द्वारा त्रुटिपूर्ण माना गया था।

नियामक संस्था ने एक रिपोर्ट में उल्लेख किया था कि ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए अनुरोधित साइट स्वीकृति अनुमोदन ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों पर नीति का पालन नहीं करता है। इसमें कहा गया है कि मौजूदा नागरिक हवाई अड्डे के 150 किमी की हवाई दूरी के भीतर किसी भी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इसने 2,700 मीटर रनवे तैयार करने के लिए निर्दिष्ट क्षेत्र पर महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया भी दी और सुझाव दिया कि पर्याप्त लंबाई और चौड़ाई के अभाव में कोझीकोड और मैंगलोर में हवाई अड्डों के मॉडल पर एक टेबलटॉप रनवे बनाने की आवश्यकता होगी।