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रूस गैस-तेल हेतु एशिया व अफ्रीका को बाज़ार बनाएगा, पाइपलाइन योजना पर कार्य शुरू

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि यूरोपीय देशों को 40 प्रतिशत गैस और 25 प्रतिशत तेल की आपूर्ति करने वाला रूस अब पूर्व को अपना बाज़ार बनाएगा। इसके लिए नई पाइपलाइन बनाने की योजना पर कार्य शुरू हो गया है।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद पुतिन ने कहा, “अब रूस गैर मित्र देशों के साथ व्यापार नहीं करना चाहता है।”

एशियाई देशों को अपने आधारभूत ढाँचे के विकास के लिए तेल और गैस की बहुत आवश्यकता होती है। इसी तरह अफ्रीका और लैटिन अमेरिकी देश भी उनके लिए बड़े बाज़ार हो सकते हैं।

दुनिया के कुल तेल उत्पादन का 10 प्रतिशत और 20 प्रतिशत गैस आपूर्ति रूस करता है। रूसी तेल और कोयले पर अमेरिकी प्रतिबंध का ब्रिटेन और यूरोपीय यूनियन के 27 देशों ने भी समर्थन किया। रूसी तेल और गैस पर आश्रित यूरोपीय देशों ने इस वर्ष के अंत तक इनकी खरीद बंद करने की घोषणा की है।

बता दें कि 24 फरवरी से जारी रूसी हमलों के चलते यूक्रेन से अब तक 46 लाख से अधिक लोग पलायन कर चुके हैं। पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के चलते 600 से अधिक कंपनियाँ रूस छोड़ चुकी हैं। इसकी वजह से वहाँ करीब 10 लाख नौकरियाँ समाप्त हो चुकी हैं।