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वित्त मंत्री रूस-यूक्रेन युद्ध से भारत के कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंतित

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि यूक्रेन और रूस के मध्य गतिरोध के चलते विशेष रूप से भारत के निर्यात पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर अधिक चिंतित हूँ।

चेन्नै में हुए एक कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रमुखों के साथ वार्ता करते हुए सीतारमण ने कहा, “केंद्र को इस मामले की जानकारी है और मंत्रालयों के मध्य इस मुद्दे पर पूर्ण मूल्यांकन के लिए चर्चा चल रही है।”

उन्होंने कहा, “यूक्रेन में वर्तमान स्थिति और भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में स्थिति जैसे बड़े मुद्दे हैं। ये व्यापक रूप से खुले हैं और मैंने प्रेस विज्ञप्तियों और टिप्पणियों को देखा है, जो विदेश मंत्रालय बना रहा है।”

रूस और युद्धग्रस्त देश से आयात व निर्यात पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, “जहाँ तक यूक्रेन से होने वाले तात्कालिक आयात और उतने ही अहम निर्यात पर पड़ने वाले असर का प्रश्न है तो हम वहाँ से आने वाली खबरों को लेकर चिंतित हैं। हालाँकि, मैं इससे भी कहीं अधिक चिंतित अपने निर्यातकों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर हूँ, जो विशेषकर कृषि क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।”

यूक्रेन में चल रहे संकट के बारे में पूछे जाने पर वित्त मंत्री ने कहा, “हम पहले से ही एक आकस्मिक स्थिति को देख रहे हैं लेकिन मुझे विभिन्न संबंधित मंत्रालयों के माध्यम से एक पूर्ण मूल्यांकन करना होगा और उसके बाद ही उस पर टिप्पणी करने की स्थिति आ पाएँगे।”

“हालाँकि, आप आश्वस्त हो सकते हैं कि सरकार इस मामले को अच्छी तरह से समझ चुकी है क्योंकि इसका असर आने वाली आवश्यक चीजों पर पड़ने वाला है।”