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यूक्रेन से जारी तनाव के मध्य रूस के 27 राजनयिकों को जो बाइडन ने देश छोड़ने को कहा

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने रूस-यूक्रेन में जारी तनाव के मध्य रूस के 27 राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दे दिया। इसके अतिरिक्त, यूक्रेन को नाटो में सम्मिलित नहीं करने की रूस की मांग को भी खारिज कर दिया।

न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार, जो बाइडन ने यूक्रेन पर हमले की स्थिति में रूस को कड़े परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “रूस ने यदि यूक्रेन पर हमला किया तो वे उसकी 85,000 करोड़ रुपये की नॉर्ड स्ट्रीम 2 गैस पाइपलाइन परियोजना को रोक देंगे।” इसके माध्यम से यूरोप को प्राकृतिक गैस सप्लाई करने की योजना है।

ऐसे में नाटो से अलग होने जैसी अटकलों का सामना कर रहे जर्मनी ने भी अमेरिका का समर्थन किया। रूस और यूक्रेन ने दोनों देशों की सीमा पर सीज़फायर के लिए पेरिस वार्ता जारी रखने की घोषणा की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका ने कह दिया कि वह सीधे तौर पर युद्ध नहीं करेगा लेकिन रूस पर आर्थिक प्रतिबंध का रास्ता अपना सकता है। यदि यूएस यूक्रेन को बड़ी सैन्य सहायता देता है या फिर रूस पर कोई प्रतिबंध लगाता है तो इससे एक नए विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

बता दें कि रूस और यूक्रेन के मध्य काफी लंबे समय से विवाद है। 24 अगस्त 1991 को सोवियत संघ से यूक्रेन अलग हुआ था। इसके बाद यूक्रेन को पश्चिमी देशों से सहायता मिली। 1949 में नाटो की स्थापना हुई, जिसका उद्देश्य था कि आसपास के देश सोवियत संघ से स्वयं की रक्षा कर पाएँ।

2014 में यूक्रेन में जो सरकार थी, वह रूस की समर्थक थी। इससे यूक्रेन ने नाटो में सम्मिलित होने का निर्णय नहीं लिया था। अभी फिर से नाटो की हलचल तेज हुई है। यूक्रेन के दो भाग वेस्टर्न यूक्रेन और ईस्टर्न यूक्रेन हैं। ईस्टर्न यूक्रेन में काफी रूस के समर्थक हैं।