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भारत को एस-400 मिसाइल बेचने से रूस की अस्थिर करने वाली भूमिका उभर रही- यूएस

अमेरिका ने कहा कि भारत को एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली बेचने से रूस की अस्थिर करने वाली भूमिका सामने आती है, जो मॉस्को इस क्षेत्र में खेल रहा और संभावित रूप से उससे भी आगे।

अमेरिका की चिंता भारत द्वारा रूस से बहु-अरब मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने पर बनी है। भारत ने बल देकर कहा कि उसके निर्णय उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए राष्ट्रीय हित पर आधारित हैं।

विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, “कई अर्थों में यह उन चिंताओं को नहीं बदलता, जो हमारे पास एस-400 प्रणाली के साथ हैं। मुझे लगता कि यह उस अस्थिर भूमिका पर प्रकाश डालता है, जो रूस ना केवल क्षेत्र में बल्कि संभावित रूप से उससे आगे भी निभा रहा है।”

उन्होंने कहा, “काट्सा प्रतिबंधों की जब बात आती है तो आपने मुझे पहले यह कहते सुना है कि हमने इस लेन-देन के संबंध में कोई दृढ़ संकल्प नहीं किया लेकिन इस विशेष लेन-देन के लिए प्रतिबंधों के जोखिम को देखते हुए हम भारत के साथ इस पर काट्सा के तहत चर्चा करना जारी रखते हैं।”

भारत ने अमेरिका की कड़ी आपत्तियों और जो बाइडन प्रशासन से प्रतिबंधों की धमकी के बावजूद अपने निर्णय में परिवर्तन करने से मना कर दिया और मिसाइल रक्षा प्रणाली की खरीद के साथ आगे बढ़ रहा है।

नेड प्राइस ने कहा, “चाहे भारत हो या चाहे कोई अन्य देश, हम सभी देशों से रूसी हथियार प्रणालियों के लिए बड़े नए लेन-देन से बचने का अनुरोध करते रहते हैं।”

बाइडेन प्रशासन ने अब तक काट्सा प्रतिबंधों पर कोई निर्णय नहीं लिया है। नेड प्राइस ने कहा, “मेरे पास प्रस्तुत करने के लिए कोई समयसीमा नहीं है लेकिन ये ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर हम भारत में अपने भागीदारों के साथ चर्चा करना जारी रखते हैं।”