समाचार
रूस ने किया संघर्ष विराम, भारतीयों सहित विदेशियों को यूक्रेन से निकालने को तैयार

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने शनिवार (5 मार्च) को नागरिकों के लिए मानवीय गलियारे प्रदान करने हेतु यूक्रेन में सुबह 6.00 जीएमटी (भारतीय समय के अनुसार 11.30 बजे) से संघर्ष विराम की घोषणा की।

स्पुतनिक न्यूज़ ने रूसी रक्षा मंत्रालय के हवाले से कहा, “5 मार्च को सुबह रूसी पक्ष ने युद्धविराम की घोषणा की और मारियुपोल और वोल्नोवाखा से नागरिकों के बाहर निकलने के लिए मानवीय गलियारे खोले। मानवीय गलियारों और निकास मार्गों पर यूक्रेनी पक्ष के साथ सहमति व्यक्त की गई है।”

इससे पूर्व, शुक्रवार (4 मार्च) को संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वसीली नेबेंजिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् को सूचित किया कि रूसी बसें पूर्वी यूक्रेन के खार्किव और सूमी शहरों में भारतीय छात्रों और अन्य विदेशी नागरिकों को निकालने के लिए पारगमन बिंदु पर तैयार हैं, जो पूर्वी यूरोपीय देश में उग्र संघर्ष के मध्य फँसे हुए हैं।

यूरोप में सबसे बड़े यूक्रेन के जापोरिज्ज्या परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर रूसी हमले के बाद 15-राष्ट्र परिषद् ने शुक्रवार को एक आपातकालीन सत्र आयोजित किया, जिसे अल्बानिया, फ्रांस, आयरलैंड, नॉर्वे, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका ने बुलाया था।

बैठक में संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत वासिली नेबेंजिया ने कहा कि रूसी सेना यूक्रेन में फंसे विदेशी नागरिकों की शांतिपूर्ण निकासी सुनिश्चित करने के लिए सब कुछ कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यूक्रेन के राष्ट्रवादी 3,700 से अधिक भारतीय नागरिकों को पूर्वी यूक्रेन के खार्किव और सूमी शहरों में बलपूर्वक रखे हैं।

नेबेंज़िया ने बताया, “आतंकवादी नागरिकों को शहर छोड़ नहीं रहे। जिन विदेशी नागरिकों को यूक्रेन वाले बलपूर्वक अपने पास रख रहे हैं, उनकी संख्या चौंकाने वाली है। खार्किव में भारत के 3,189 नागरिक, वियतनाम के 2,700 नागरिक, चीन के 202 नागरिक। इसके अतिरिक्त सूमी में भारत के 576 नागरिक, घाना के 101 नागरिक, चीन के 121 नागरिक फँसे हैं।”