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“सरकार जनसंख्या नीति आगामी 50 वर्षों को ध्यान में रखकर ही बनाए”- मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार (15 अक्टूबर) को विजयदशमी के अवसर पर राष्ट्रीय जनसंख्या नीति की मांग को पुनः दोहराया है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या नीति अवश्य होनी चाहिए।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, मोहन भागवत ने कहा, “जानकार कह रहे हैं कि केंद्र सरकार प्रति परिवार 2.1 बच्चों के सूत्र पर सहमत हुई है लेकिन मुझे लगता इस पर पुनः विचार किए जाने की आवश्यकता है। देश को ऐसी नीति की आवश्यकता है, जो आगामी 50 वर्षों को ध्यान में रखकर बनाई जाए। इस तरह की नीति से घुसपैठ रोकने, जबरन मतांतरण और प्राकृतिक संसाधनों पर समान अधिकार सुनिश्चित करने के कई उद्देश्य पूरे होंगे।”

आरएसएस प्रमुख ने हिंदुओं, मुसलमानों व ईसाइयों की जनसंख्या में परिवर्तन के लिए अवैध घुसपैठ और जबरन मतांतरण को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने ने कहा कि 11 राज्यों में ईसाई आबादी की दशकीय वृद्धि दर 30 प्रतिशत से अधिक है और नौ राज्यों में मुसलमानों की दशकीय वृद्धि दर 30 प्रतिशत से अधिक रही है।

उन्होंने कहा, “आज भी हिंदुओं को बाँटने के प्रयास चल रहे हैं। ऐसे लोगों ने गठबंधन भी बना लिया है। इसी वजह से भारत और उससे जुड़ी चीजों की निंदा करने के प्रयास चल रहे हैं। भारत में इस भय से हमले हो रहे हैं कि यदि यह सशक्त हुआ तो हम नहीं चल पाएँगे।”