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वित्त वर्ष 2022 में राज्य सरकारों को खाद्य सब्सिडी के लिए 2.94 लाख करोड़ जारी- केंद्र

केंद्र सरकार ने बुधवार (13 अप्रैल) को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और राज्य सरकारों को खाद्य सब्सिडी के लिए 2.94 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई।

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बुधवार को एक विज्ञप्ति में जानकारी दी, “वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के तहत खरीद कार्यों, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत खाद्यान्न के निर्बाध वितरण हेतु खाद्य व सार्वजनिक वितरण विभाग ने 2,92,419.11 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान के मुकाबले डीसीपी और गैर-डीसीपी दोनों कार्यों के तहत भारतीय खाद्य निगम और राज्य सरकारों को खाद्य सब्सिडी के लिए 2,94,718 करोड़ रुपये जारी किए।

मंत्रालय ने कहा, “खाद्य सब्सिडी की यह राशि 2020-21 के दौरान जारी खाद्य सब्सिडी का लगभग 140 प्रतिशत और 2019-20 के दौरान जारी खाद्य सब्सिडी का लगभग 267 प्रतिशत है।”

मंत्रालय ने आगे कहा कि वित्त वर्ष-22 के दौरान उसने 3,04,879 करोड़ रुपये के शुद्ध आवंटन के मुकाबले 3,04,361 करोड़ रुपये खर्च करके 99.83 प्रतिशत खर्च प्राप्त किया।

यह गौर किया जाना चाहिए कि कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने पीएमजीकेएवाई के तहत 80 करोड़ से अधिक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के लाभार्थियों को एनएफएसए के तहत खाद्यान्न की उनकी पात्रता के अतिरिक्त प्रति व्यक्ति प्रति माह अतिरिक्त 5 किलो मुफ्त खाद्यान्न जारी करने का निर्णय लिया था।

यह अतिरिक्त आवंटन अप्रैल 2020 से मार्च 2022 तक अब तक 5 चरणों में किया गया।

मंत्रालय ने कहा, “स्थापना के बाद से योजना के तहत कुल 758 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) खाद्यान्न आवंटित किया गया है, जिसमें 2.60 लाख करोड़ रुपये का वित्तीय प्रभाव है।”