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चीन को जवाब देने के लिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में 26 देश करेंगे समुद्री शक्ति का प्रदर्शन

भारत 29 जून से 4 अगस्त तक हवाई द्वीप और दक्षिणी कैलिफोर्निया के आसपास हिंद-प्रशांत क्षेत्र में 26 देशों के द्विवार्षिक रिम ऑफ द पैसिफिक (रिमपैक) अभ्यास के लिए एक स्टील्थ फ्रिगेट व एक पी8आई पनडुब्बी रोधी युद्ध टोही विमान भेज रहा।

एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड द्वारा इसकी मेजबानी की जाएगी। 38 सतह के जहाजों, चार पनडुब्बियों, नौ भूमि सेना, लगभग 170 विमानों और 25,000 सैनिकों के साथ इसमें क्वाड देश यूके, फ्रांस और जर्मनी भी सम्मिलित होंगे।

बहुपक्षीय अभ्यास ऐसे समय में आया है, जब चीन के इसी माह तीसरा विमानवाहक पोत (टाइप 003) लॉन्च करने की अपेक्षा है। गत माह पीएलए नेवी ने पहले विमानवाहक पोत लियाओनिंग से लगभग 300 विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ का प्रदर्शन करके ओकिनावा के तट पर अभ्यास किया था।

इस क्षेत्र के लिए खतरे को भांपते हुए जापान रूस और चीन के साथ अपनी सुरक्षा को सशक्त करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाला है, जो अब जापान के सागर में नियमित रूप से युद्ध के अभ्यास आयोजित कर रहे हैं। टोक्यो इस माह के अंत में स्पेन में नाटो शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा (ऐसा करने वाले पहले जापानी प्रधानमंत्री) के साथ रिमपैक को अपना सबसे बड़ा युद्धपोत भेज रहा है।

यूक्रेन युद्ध और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीनी हस्तक्षेप ने जापान जैसे शांतिवादी देशों को बढ़ती राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के प्रति जगा दिया है। रणनीतिक समीक्षा के बाद जापान द्वारा भारत जैसे देशों को नवीनतम सैन्य तकनीक उपलब्ध करने की अपेक्षा है।

शी जिनपिंग शासन ओशिआनिया क्षेत्र में सोलोमन, किरिबाती और वानुअतु द्वीप जैसे प्रशांत द्वीपों के साथ रक्षा समझौते करने के लिए सैन्य और आर्थिक ताकत का उपयोग कर रहा है, जिससे इंडो-पैसिफिक में खतरे की आशंका बढ़ गई है।