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दूरसंचार क्षेत्र में सुधार हेतु वार्षिक स्पेक्ट्रम नीलामी व रीयल टाइम ट्रेडिंग पर कार्य शुरू

केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए वार्षिक स्पेक्ट्रम नीलामी पर काम शुरू कर दिया कि दूरसंचार उद्योग में एक बड़ा सुधार लाने के लिए वायुतरंगों की पर्याप्त आपूर्ति हो।

इसके अतिरिक्त, सरकार विद्युत के व्यापार की तर्ज पर रीयल-टाइम स्पेक्ट्रम ट्रेडिंग का प्रस्ताव भी तैयार कर रही है।

वास्तव में उदारीकृत स्पेक्ट्रम मानदंडों के मामले पर मंत्री स्तर पर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित दूरसंचार क्षेत्र की समीक्षा में भी चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, इसके बारे में एक संदर्भ भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) को भी भेजा गया।

सरकार वित्त वर्ष 2023-24 की समय-सीमा के साथ पूर्व-निर्धारित महीनों के दौरान वार्षिक स्पेक्ट्रम नीलामी आयोजित करने की योजना बना रही है क्योंकि वह चाहती है कि उद्योग को लगातार आपूर्ति का आश्वासन दिया जाए।

टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा, “जैसा कि पहले हुआ कि यदि उद्योग को स्पेक्ट्रम की नियमित उपलब्धता का आश्वासन दिया जाता है तो नीलामी के समय बड़ी लागत पर वायुतरंगों को खरीदने के लिए कोई हड़बड़ी नहीं होगी।”

सूत्र ने आगे कहा, “पहले की कुछ बिक्री में कंपनियों को बोली के दौरान सीमा से बाहर जाते देखा गया और उसके बाद उनकी वित्तीय स्थिति में बाधा उत्पन्न हुई है, जिससे उद्योग के स्वास्थ्य में गिरावट आई।”

सरकार का मानना ​​है कि 5-जी जैसी नई प्रौद्योगिकियों के लिए अधिक सुविधाजनक प्रवास हेतु रास्ता बनाने को नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में स्पेक्ट्रम उपलब्ध करवाया जाना है।