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आरबीआई रुपये के उतार-चढ़ाव को लंबे समय तक नहीं रहने देगा- डिप्टी गवर्नर पात्रा

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर माइकल डी पात्रा ने शुक्रवार को कहा कि केंद्रीय बैंक रुपये में जारी उतार-चढ़ाव को लंबे समय तक जारी नहीं रहने दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने बल देकर यह भी कहा कि हाल ही के दिनों में भारतीय मुद्रा में सबसे कम मूल्यह्रास देखने को मिला है।

भू-राजनीतिक बिखराव एवं भारतीय अर्थव्यवस्था पर एक संवाद सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने रुपये के कम मूल्यह्रास के लिए लगभग 600 अरब अमेरिकी डॉलर के उच्च विदेशी मुद्रा भंडार को वजह बताया।

उन्होंने उद्योग मंडल पीएचडीसीसीआई द्वारा आयोजित सत्र के दौरान कहा, “हम इसकी स्थिरता के लिए तत्पर रहेंगे और मैं जब बोल रहा हूँ, तब भी हम इसे निरंतर आधार पर कर रहे हैं। हम वहाँ बाज़ार में हैं। हम अव्यवस्थित उतार-चढ़ाव की अनुमति नहीं देंगे। वास्तविक स्तर क्या होगा, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है लेकिन इतना निश्चित है कि हम इसमें बहुत अधिक गिरावट नहीं होने देंगे। हम व्यापक रूप से बाज़ार में अस्थिरता के खिलाफ रुपये की रक्षा कर रहे हैं।”

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने आगे कहा, “यदि कोई रुपये के मूल्यह्रास को देखता है तो यह विश्व में सबसे कम में से एक है और यह 600 अरब डॉलर के हमारे विदेशी मुद्रा भंडार की शक्ति की बदौलत है।”

गुरुवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 78.32 पर बंद हुआ था। हालाँकि, शुक्रवार को सुबह के सत्र में यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 12 पैसे की तेजी के साथ 78.20 पर खुला।