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आरबीआई ने ब्याज दर में परिवर्तन नहीं किया, जीडीपी वृद्धि अनुमान घटाकर 7.2% किया

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने वित्त वर्ष की पहली मौद्रिक नीति की घोषणा कर दी। गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया, “मौद्रिक नीति कमेटी ने ब्याज दर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया है। रेपो रेट को 4 प्रतिशत और रिवर्स रेपो रेट को 3.35 प्रतिशत रखा गया है।”

जनसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार, आरबीआई ने वित्त वर्ष 2022-23 की जीडीपी वृद्धि का अनुमान घटाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया है। फरवरी में हुई मौद्रिक नीति कमेटी की बैठक में जीडीपी वृद्धि का अनुमान 7.8 प्रतिशत जताया गया था।

शक्तिकांत दास ने कहा, “वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में जीडीपी वद्धि 16.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। दूसरी तिमाही में जीडीपी वद्धि 6.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 4.1 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।”

आरबीआई ने इस वित्त वर्ष के लिए महंगाई का अनुमान 4.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.7 प्रतिशत कर दिया है। पहली तिमाही में 6.3 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 5 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.4 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

शक्तिकांत दास ने बताया, “मौद्रिक नीति कमेटी के सभी सदस्यों ने एकमत से ब्याज दरों में परिवर्तन नहीं करने का निर्णय किया है। व्यवस्था में नगदी बढ़ाने के लिए ऐसा किया गया है।”