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भारतीय रिज़र्व बैंक ने ब्याज दर में 50 आधार अंकों की वृद्धि की, और महंगा होगा ऋण

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार (8 जून) को ब्याज दर को 50 आधार अंक (बीपीएस) बढ़ाकर दो वर्ष के उच्च स्तर पर 4.9 प्रतिशत कर दिया। दरअसल, यह पिछले कुछ माह में बढ़ी हुई मुद्रास्फीति को कम करने के लिए दोगुना हो गया है।

4 मई को एक अनिर्धारित बैठक में आरबीआई द्वारा 40 बीपीएस की वृद्धि के बाद यह पुनः वृद्धि हुई है।

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के सभी छह सदस्यों ने सर्वसम्मति से नवीनतम दर वृद्धि के लिए मतदान किया।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति, जिसे आरबीआई अपनी मौद्रिक नीति पर पहुँचते समय कारक बनाता है, अप्रैल में लगातार सातवें माह बढ़कर 8 वर्ष के उच्च स्तर 7.79 प्रतिशत पर पहुँच गया।

घरेलू आर्थिक गतिविधि में सुधार और अन्य कारकों के मध्य सामान्य मानसून की संभावना के कारण आरबीआई ने अनुमानित वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि को 7.2 प्रतिशत पर बरकरार रखा।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “पहली तिमाही में 16.2 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 6.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 4.1 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 4.0 प्रतिशत के व्यापक रूप से संतुलित जोखिमों के साथ 2022-23 के लिए वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि का अनुमान 7.2 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है।”