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रेलवे ने कोयला रेक की आवाजाही हेतु 24 मई तक 750 से अधिक यात्री ट्रेनें रद्द कीं

थर्मल विद्युत संयंत्रों में कोयले की अभूतपूर्व मांग को पूरा करने हेतु भारतीय रेलवे ने देश भर में कोयले की रेक की आवाजाही को प्राथमिकता देते हुए 24 मई तक 750 से अधिक यात्री ट्रेन सेवाओं को रद्द करने का निर्णय लिया।

देश में विद्युत की खपत शुक्रवार (29 अप्रैल) को रिकॉर्ड 207 गीगावॉट तक पहुँच गई, जो एक दिन पहले 205 गीगावॉट थी क्योंकि गर्मी और बेहतर आर्थिक गतिविधियों के चलते मांग बढ़ गई थी।

कोयला खनन कंपनियों और बिजली उत्पादकों ने कहा कि रेलवे फीडस्टॉक की ढुलाई के लिए पर्याप्त रेक नहीं जोड़ रहा है। हालाँकि, परिवाहक ने कहा कि आपूर्ति उस पैमाने पर नहीं थी, जिसके लिए रेकों को जोड़ने की आवश्यकता हो।

मुख्य कोयला उत्पादक क्षेत्र दक्षिण पूर्व मध्य क्षेत्र (एसईसीआर) में जहाँ अधिकतम ट्रेन सेवाएँ प्रभावित हो रही हैं, वहीं उत्तरी क्षेत्र में कुछ मेल/एक्सप्रेस और यात्री ट्रेन सेवाएँ रद्द की जा रही हैं।

कोयले की आवाजाही एसईसीआर में 24 मई तक 343 मेल/एक्सप्रेस और 370 यात्री ट्रेनों की सेवाओं को प्रभावित करेगी।इस वर्ष 8 मई तक 20 मेल/एक्सप्रेस और इतनी ही संख्या में यात्री सेवाओं को निलंबित किया जा रहा है।

रेलवे के अनुसार, राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर ने कोयले के रेक की औसत दैनिक लोडिंग 400 से अधिक प्रतिदिन की, जो गत 5 वर्षों में सबसे अधिक है। गुरुवार को रेलवे ने कुल 533 कोयला रेक किए, जिनमें से 427 बिजली संयंत्रों और बाकी निर्यात उद्देश्यों के लिए थे।

इसकी निगरानी से जुड़े अधिकारी ने बताया कि 3,800 टन के एक रैक के साथ रेलवे ने बिजली संयंत्रों को शुक्रवार को 16.2 लाख टन कोयला भेजा और आज भी अच्छी गुणवत्ता वाले कोयले को विद्युत क्षेत्र में पहुँचाया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि यात्री सेवा का निलंबन अस्थायी है।