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लोकसभा में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बोले, “रेलवे के निजीकरण की कोई योजना नहीं है”

केंद्रीय रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार (16 मार्च) को कहा, “केंद्र सरकार की भारतीय रेलवे के निजीकरण को लेकर कोई योजना नहीं है। इस संबंध में विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप निराधार हैं।”

न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार, लोकसभा में 2022-23 के लिए रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “यह केवल एक काल्पनिक बिंदु है। पटरियाँ, स्टेशन, इंजन, ट्रेनें, सिग्नल सब रेलवे के हैं। निजीकरण की कोई बात ही नहीं है। इसकी तो कोई योजना ही नहीं बनाई गई है।”

उन्होंने यह भी कहा, “माल ढुलाई गलियारे के निजीकरण की भी कोई योजना नहीं है। रेलवे सामाजिक दायित्वों को पूरा करना जारी रखेगा। यात्री किराये पर 60,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाती है।”

अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री ने यह भी कहा, “रेलवे ने हाल ही में भर्ती के संबंध में भ्रम को सहानुभूतिपूर्ण तरीके से हल किया है। भर्तियों पर कोई पाबंदी नहीं है। 1.14 लाख भर्तियों के लिए प्रक्रिया चालू है।” इसके बाद लोकसभा में ध्वनिमत से रेलवे के लिए अनुदान की मांगों को स्वीकृति दी गई।

उन्होंने मुंबई-अहमदाबाद के मध्य प्रस्तावित बुलेट ट्रेन से संबंधित मुद्दों पर जवाब देते हुए कहा, “गुजरात खंड में भूमि अधिग्रहण का काम 99.7 प्रतिशत हो चुका है। अब तक 750 खंभों का निर्माण किया गया है। परियोजना पर काम आठ किलोमीटर प्रति माह की दर से आगे बढ़ रहा है। इसे बढ़ाकर 10 किलोमीटर प्रति माह किया जाएगा।