समाचार
माल भाड़ा वाले ग्राहकों को रेल ग्रीन प्वाइंट मिलेंगे, अप्रैल से योजना शुरू होने की संभावना

अप्रैल में माल भाड़ा वाले ग्राहक को कार्बन उत्सर्जन कम करने हेतु रेल ग्रीन प्वाइंट कही जाने वाली एक योजना को भारतीय रेलवे लॉन्च कर सकती है।

गुरुवार (24 मार्च) को आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया, “भारतीय रेलवे ने हाल ही में माल भाड़ा वाले ग्राहकों को कार्बन उत्सर्जन कम करने के बिंदु, जिसे रेल ग्रीन पॉइंट्स कहा जाता है, आवंटित करने के लिए नीतिगत दिशा-निर्देश निर्धारित किए हैं। यह केवल उन माल भाड़े वाले ग्राहकों पर लागू होगा, जो माल भाड़े के संचालन सूचना प्रणाली (एफओआईएस) के ई-आरडी पोर्टल पर पंजीकृत हैं।

रेल मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा, “हर ग्राहक जो माल भाड़े सेवाओं के लिए ऑनलाइन (ई-डिमांड मॉड्यूल पर) मांग करता है, उसे एक पॉप अप द्वारा प्रेरित किया जा सकता है, जो उसे रेल ग्रीन पॉइंट्स नामक कार्बन उत्सर्जन की अपेक्षित बचत का विवरण देते हुए भारतीय रेलवे द्वारा परिवहन हेतु चुनने के लिए धन्यवाद दे सकता है।”

आगे कहा गया, “एक बार आरआर (रेलवे रसीद) उत्पन्न हो जाने पर कार्बन उत्सर्जन की बचत रेल ग्रीन पॉइंटों के रूप में ग्राहक के खाते में जमा की जाएगी और संचयी अंक भी उसके खाते में फ्रेट बिजनेस डेवलपमेंट पोर्टल पर दिखाए जाएँगे।”

मंत्रालय ने कहा, “व्यवस्था में रेल ग्रीन प्वाइंट प्रदर्शित करने वाला डाउनलोड करने योग्य प्रमाण-पत्र प्रदान किया जा सकता है। साथ ही स्पष्ट किया कि रेलवे से किसी भी लाभ के लिए रेल ग्रीन पॉइंट का दावा नहीं किया जा सकता है।

मंत्रालय के अनुसार, रेल ग्रीन पॉइंट्स की गणना वित्तीय वर्ष के आधार पर की जाएगी। इस जानकारी से ग्राहकों को जो अच्छी भावना वाला प्रोत्साहन मिलेगा, वह उन्हें ट्रेन से अधिक परिवहन के लिए प्रेरित करेगा।

इसके अतिरिक्त, कॉरपोरेट ग्राहक अपनी वेबसाइट और अपनी वार्षिक रिपोर्ट में इसका उल्लेख करना पसंद कर सकते हैं।