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“भाजपा पणजी से अच्छा उम्मीदवार उतारे तो चुनावी दौड़ से हट जाऊँगा”- उत्पल पर्रिकर

गोवा के दिवंगत मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर, जिन्होंने भाजपा छोड़ दी है। उन्होंने अगले माह पणजी से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में गोवा विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की है।

अब उन्होंने कहा, “पार्टी छोड़ना सबसे कठिन निर्णय था लेकिन यदि भगवा पार्टी निर्वाचन क्षेत्र से अच्छे उम्मीदवार को मैदान में उतारती है तो मैं चुनाव की दौड़ से हटने के लिए तैयार हूँ।”

उत्पल पर्रिकर को भाजपा ने पणजी से टिकट से वंचित कर दिया था, जहाँ उनके पिता और पार्टी के दिग्गज दो दशकों से अधिक समय से प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इस निर्णय से नाराज़ पर्रिकर ने शुक्रवार को भाजपा छोड़ दी थी और कहा कि वे 14 फरवरी को पणजी सीट से निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ेंगे।

भाजपा ने पणजी से अपने वर्तमान विधायक अतानासियो मोनसेरेट को नामांकित किया है, जो कांग्रेस छोड़ने के बाद जुलाई 2019 में भगवा पार्टी में सम्मिलित हुए 10 विधायकों में से एक हैं। मोनसेरेट आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, जिसमें एक नाबालिग से दुष्कर्म का मामला भी है।

पीटीआई से बात करते हुए मनोहर पर्रिकर के बड़े बेटे उत्पल ने शनिवार को कहा कि भाजपा हमेशा उनके दिल में है और वे पार्टी की आत्मा के लिए लड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा, “मैं इस तरह की स्थिति से बचने का प्रयास कर रहा था। मैं खुश नहीं हूँ कि मुझे यह निर्णय लेना पड़ा लेकिन कई बार आपको कड़े निर्णय लेने पड़ते हैं। यदि पार्टी पणजी से अच्छा उम्मीदवार उतारती है तो मैं निर्णय वापस लेने के लिए तैयार हूँ।”

पर्रिकर ने ज्यादा विस्तार किए बिना दावा किया कि उन्हें टिकट से वंचित करना 1994 की स्थिति के समान है, जब उनके पिता को पार्टी से बाहर करने का प्रयास किया गया था।