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क्वाड देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नियम आधारित व्यवस्था को बढ़ाने की प्रतिबद्धता दिखाई

क्वाड देशों- अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान और भारत के नेताओं ने आतंकवादियों के छद्म उपयोग की कड़ी निंदा की और आतंकवाद को मिलने वाले समर्थन को समाप्त करने की मांग की।

शिखर सम्मेलन के बाद शुक्रवार (24 सितंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन, जापान के प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक संयुक्त बयान में कहा,

“हम आतंकवादियों के छुपकर उपयोग की निंदा करते हैं। साथ ही आतंकवादी समूहों को किसी भी वित्तीय या सैन्य सहायता ना देने के महत्त्व पर बल देते हैं, जिसका प्रयोग वे सीमा पार व आतंकवादी हमलों को शुरू करने या योजना बनाने के लिए कर सकते हैं।”

क्वाड नेताओं ने अफगानिस्तान के प्रति अपनी कूटनीतिक, आर्थिक और मानवाधिकार नीतियों का बारीकी से समन्वय करने का निर्णय भी किया और युद्धग्रस्त देश में आतंकवाद विरोधी और मानवीय सहयोग को गहरा करने का प्रण लिया।

नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक स्वतंत्र और नियम-आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए भी प्रतिबद्धता दिखाई। क्वाड देशों के नेताओं ने कहा,

“एक साथ हम स्वतंत्र, खुले, नियम-आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो अंतर-राष्ट्रीय कानूनों में निहित हैं। हम हिंद-प्रशांत और उसके बाहर सुरक्षा व समृद्धि को बढ़ाने के लिए दादागीरी करने वालों का निडरता से सामना करेंगे। हम कानून के शासन, नौपरिवहन और ओवरफ्लाइट की स्वतंत्रता, विवादों के शांतिपूर्ण समाधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और राज्यों की क्षेत्रीय अखंडता के लिए खड़े हैं।”