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निजी क्षेत्र के संगठन व व्यक्ति जैमर की खरीद या उसका उपयोग नहीं कर सकते- सरकार

दूरसंचार विभाग (डॉट) द्वारा जारी एक सलाह के अनुसार, निजी क्षेत्र के संगठन या व्यक्ति भारत में जैमर की खरीद या उसका उपयोग नहीं कर सकते हैं।

संचार मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में बताया गया कि इसके अतिरिक्त, डॉट के दिशा-निर्देशों में कहा गया कि सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अंतर्गत अनुमति के अलावा भारत में सिग्नल जैमिंग उपकरणों का विज्ञापन करना, बेचना, वितरित करना, आयात करना या अन्यथा बाजार में लाना गैरकानूनी है।

जैमर पर सरकार की नीति के तहत उपकरणों को केवल भारत सरकार के मंत्रालय/विभाग, राज्य सरकारें/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन (रक्षा बल, केंद्रीय सुरक्षा संगठन, पुलिस विभाग व जेल प्राधिकरण) और भारत सरकार/राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन की वैधानिक परीक्षा आयोजित करने वाले निकाय द्वारा खरीदा या उपयोग किया जा सकता है।

डॉट ने गत सप्ताह वायरलेस जैमर और बूस्टर या रिपीटर्स के उचित उपयोग पर आम जनता को जारी अपने दिशा-निर्देशों में कहा कि भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से अनुमति के अलावा सेलुलर सिग्नल जैमर, जीपीएस ब्लॉकर या अन्य सिग्नल जैमिंग डिवाइस का उपयोग आम तौर पर अवैध है।

सिग्नल बूस्टर या पुनरावर्तक के संबंध में कहा गया कि लाइसेंस प्राप्त दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा मोबाइल सिग्नल रिपीटर या बूस्टर का स्वामित्व, बिक्री या उपयोग करना गैरकानूनी है।

इससे पूर्व, इस वर्ष 21 जनवरी को दूरसंचार विभाग ने सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने ऑनलाइन मंच पर वायरलेस जैमर बेचने की चेतावनी देते हुए एक नोटिस जारी किया था।