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राष्ट्रपति आज गलवान के नायक कर्नल संतोष बाबू को मरणोपरांत देंगे महावीर चक्र सम्मान

पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुए खूनी संघर्ष के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले कर्नल संतोष बाबू को महावीर चक्र सम्मान दिया जाएगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मंगलवार (22 नवंबर) को उनको मरणोपरांत यह सम्मान देंगे। इसके लिए उनके परिजनों को आमंत्रित किया गया है।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, कर्नल संतोष बाबू को राष्ट्र का दूसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार दिया जाएगा। उनके साथ गलवान घाटी में ऑपरेशन स्नो-लैपर्ड के दौरान चीनी सेना के साथ झड़प में वीरगति को प्राप्त हुए चार अन्य सैनिकों को भी वीर चक्र दिया जाएगा।

इस वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर कर्नल संतोष बाबू के अतिरिक्त गलवान घाटी में अदम्य साहस और बहादुरी के लिए 5 अन्य सैनिकों को वीर चक्र दिए जाने की घोषणा की गई थी। कर्नल बाबू गलवान घाटी में तैनात 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर के तौर पर ज़िम्मेदारी संभाल रहे थे। वे तेलंगाना के ही सूर्यपेट के रहने वाले थे। तेलंगाना सरकार ने उनके नाम पर स्मारक बनवाने की भी घोषणा की थी।

बता दें कि कर्नल संतोष बाबू के नेतृत्व में भारतीय जवानों ने चीन की सेना का विरोध किया था। पूरी विनम्रता के साथ कर्नल संतोष बाबू ने चीनी सैनिकों को समझाया लेकिन अपनी भूमि से एक इंच भी पीछे नहीं हटे। इस दौरान दुश्मनों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी पर वे तब भी डटे रहे।

कर्नल संतोष की टुकड़ी ने चीनी सैनिकों को पीछे हटने पर विवश कर दिया था। घटना में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे। कहा जा रहा था कि चीन के भी 40 सैनिक मारे गए लेकिन उसने सिर्फ 4-5 सैनिकों के ही मारने जाने की पुष्टि की थी।