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गुजरात में समय से पूर्व उप्र के साथ फरवरी या मार्च में हो सकते विधानसभा चुनाव- रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश और गुजरात में अगले वर्ष फरवरी या मार्च में एक साथ विधानसभा चुनाव करवाए जा सकते हैं। साथ ही यह दावा भी किया गया कि गुजरात में भाजपा बिना मुख्यमंत्री के चेहरे के भी चुनाव लड़ सकती है।

दैनिक भास्कर ने अपनी रिपोर्ट में भाजपा के सूत्रों के हवाले से कहा कि गुजरात में अब पार्टी राज्य सरकार में कोई परिवर्तन नहीं करना चाहती है। इस वजह से मंत्रिमंडल में विस्तार की संभावना भी समाप्त हो गई है। ऐसे में राज्य सरकार विधानसभा को जल्द भंग करना चाहती है इसलिए वहाँ फरवरी या मार्च में विधानसभा चुनाव समय से सात या आठ माह पूर्व करवाए जा सकते हैं।

कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में यदि विधानसभा चुनाव के परिणाम अच्छे नहीं रहे तो इसका सीधा असर गुजरात पर पड़ सकता है। अभी पार्टी जिस तरह से चुनावी तैयार कर रही है, उसके मुताबिक छह माह बाद ही चुनाव की घोषणा हो सकती है।

गुजरात में जल्द चुनाव करवाने के पीछे सबसे बड़ी वजह यह बताई जा रही कि यदि समय दिया गया तो आम आदमी पार्टी (आप) राज्य में अपनी जड़ें मजबूत कर लेगी। वर्तमान में राज्य में सूरत महानगरपालिका से उसने शुरुआत भी कर दी है। पार्टी का मानना है कि यदि जल्द चुनाव करवा दिए गए तो विपक्षी के पास खुद को स्थापित करने का समय ही नहीं रहेगा।