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शहरों व गाँवों में विद्युत उपलब्धता प्रतिदिन क्रमशः 21 व 23 घंटे हुई- केंद्रीय ऊर्जा मंत्री

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने खुलासा किया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र सहित पूरे देश में विद्युत की उपलब्धता ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में क्रमशः 21 और 23 घंटे प्रतिदिन हो गई है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट में कैबिनेट मंत्री के हवाले से कहा गया, “विद्युत क्षेत्र ने गत कुछ वर्षों में उत्पादन, पारेषण और वितरण के क्षेत्रों में जबरदस्त वृद्धि देखी है। इसका उद्देश्य देश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में हर घर को चौबीसों घंटे विद्युत आपूर्ति करना और भारत को विद्युत उत्पादन में विश्व में अग्रणी बनाना है।”

आरके सिंह ने बताया कि पूर्वोत्तर में विद्युत व्यवस्था में सुधार किया गया और इस तरह गत तीन-चार वर्षों में जबरदस्त विकास हुआ है।

उन्होंने कहा कि विद्युत समग्र विकास की कुंजी है और देशभर में इसे लाने के लिए इसकी निर्बाध आपूर्ति एक आवश्यक घटक है।

असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्वा सरमा ने उन विचारों को प्रतिध्वनित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की सौभाग्य योजना का उद्देश्य भारत में सभी गैर-विद्युतीकृत घरों का विद्युतीकरण करना है, जिसके परिणामस्वरूप देश को रोशन करने में एक आदर्श बदलाव आया है।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने राज्य के विद्युत मंत्रियों के साथ पुनरुत्थान वितरण क्षेत्र योजना पर चर्चा करने हेतु एक बैठक की, जिसका उद्देश्य स्मार्ट मीटरिंग और समग्र विद्युत वितरण इंफ्रास्ट्रक्चर के उन्नयन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।