राजनीति
किसी दूसरे राज्य के मुकाबले मध्य प्रदेश में ज्यादातर मुस्लिम भाजपा को वोट क्यों देते हैं?

प्रसंग
  • मध्य प्रदेश की कुल आबादी में केवल 6 फीसदी मुस्लिम हैं लेकिन फिर भी यह समुदाय शिवराज सिंह को अग्रणी बनाने में एक अहम भूमिका निभाता है।

शिवराज सिंह चौहान अकेले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने सबसे लंबे समय तक मध्य प्रदेश को अपनी सेवा प्रदान की है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल को भी पीछे छोड़ दिया है। आज वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बड़े नेताओं में से एक हैं। मध्य प्रदेश के चुनावों में मतदाताओं के बीच वह मुख्यमंत्री पद के सबसे पसंदीदा उम्मीदवार रहे हैं, यहाँ तक कि उन चुनावों में भी जिनमें कांग्रेस की जीत की सम्भावना होती है। चौहान को राज्य को बीमारू स्थिति से बाहर लाने और आज देश के सबसे तेजी से तरक्की कर रहे राज्यों में से एक बनाने का श्रेय दिया जाता है। चौहान पिछड़ी जाति किरार समुदाय (अन्य पिछड़ा वर्ग) से ताल्लुक रखते हैं और राज्य के मतदाताओं में उनकी अच्छी पहुँच है। कई अन्य राजनेताओं के विपरीत वह मृदुभाषी, विनम्र और आसान पहुँच योग्य हैं।

शिवराज सिंह की सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि जाति और पंथ से ऊपर उठकर समाज के हर तबके को विकास कार्यों का लाभ मिले। इसी वजह से वह राज्य के मुस्लिम समुदाय के बीच खासा लोकप्रिय हैं। राज्य की कुल आबादी में केवल 6 फीसदी ही मुस्लिम हैं इस प्रकार यह तय करने में वह एक छोटी भूमिका निभाते हैं कि राज्य में किसकी सरकार बनेगी। इस तथ्य के बावजूद भी, चौहान ने मुस्लिम समुदाय के कल्याण के लिए बहुत कुछ किया है। भारत भर में मध्य प्रदेश में भाजपा को मुस्लिमों का सबसे ज्यादा समर्थन हासिल है। सीएसडीएस रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के करीब 17 फीसदी मुस्लिम भाजपा को वोट देते हैं जो कि राष्ट्रीय 8 प्रतिशत का दोगुना है। केवल इतना ही नहीं, साल दर साल यह समर्थन बढ़ रहा है।

स्त्रोतः सीएसडीएस रिपोर्ट

मध्य प्रदेश हिन्दी के केन्द्रीय स्थल वाले राज्यों में से एक प्रमुख राज्य है लेकिन इसके बावजूद भी चौहान की छवि मृदु हिन्दुत्व वाली है। अपने अन्य साथियों के विपरीत वह रमजान के दौरान अपने घर पर इफ्तार पार्टियों का आयोजन करते हैं, ईद के मौके पर मस्जिदों का दौरा करते हैं और लगातार मुस्लिम समुदाय के नेताओं से मुलाकात भी करते हैं। मध्य प्रदेश में उनकी इफ्तार पार्टियों को काफी पसंद किया जाता है। उनके यही कार्य उन्हें कई तथाकथित कट्टरपंथी भाजपा मुख्यमंत्रियों से अलग करते हैं। हर साल, रक्षाबंधन के मौके पर उनके घर पर उनकी कलाई में राखी बाँधने आई बुरका पहने महिलाओं की लाइन लग जाती है। हमने कई मुस्लिम महिलाओं को सार्वजनिक मंचों पर खुले तौर पर चौहान की तारीफ करते हुए देखा है। भाईचारे और एकता की यह गाँठ दोनों तरफ से दिखाई देती है। इस समुदाय की जबरदस्त प्रतिक्रिया यह जाहिर करती है कि चौहान की छवि वास्तव में धर्मनिरपेक्ष है।

चौहान जीवनभर महिला अधिकारों की रक्षा के समर्थक रहे हैं। उन्होंने अग्रणी कन्यादान/निकाह योजना शुरू की। इस योजना का उद्देश्य गरीबों को उनकी बेटियों की शादी करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत समुदायिक विवाह में जिस कन्या का विवाह किया जाता है उसे 30,000 रुपये की वित्तीय सहायता मिलती है। इस योजना से अब तक 5 लाख महिलाएँ (30,000 मुस्लिम महिलाओं सहित) लाभान्वित हुई हैं। इस योजना के माध्यम से, सरकार यह सुनिश्चित करती है कि गरीब मुस्लिम परिवारों की बेटियों का निकाह आदर और सम्मान के साथ हो। यह योजना इतनी लोकप्रिय है कि यहाँ तक कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इसकी राशि 51,000 रूपए करके इसे अपने घोषणापत्र में शामिल करने का फैसला किया है। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इन योजनाओं ने युवाओं के बीच अत्यधिक रोजगार सृजन करने के माध्यम से अल्पसंख्यकों की मदद की है। प्रशिक्षणार्थियों को आवासीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए केंद्रों में 100 सदस्यीय पुरूष छात्रावास और 50 सदस्यीय महिला छात्रावास हैं।

अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों द्वारा किए गए अनुकरणीय कार्य का सम्मान करने के लिए चौहान ने अल्पसंख्यक सेवा राज्य पुरस्कार योजना शुरू की है। यह योजना अल्पसंख्यक समुदाय के विकास और कल्याण के क्षेत्र में सामाजिक संस्थानों और व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने और उनके उत्कृष्ट सामाजिक और राष्ट्रीय सेवाओं और योगदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। राज्य सरकार द्वारा 2011-12 से यह पुरस्कार योजना शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत जीतने वाले को 1 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है।

लाड़ली लक्ष्मी योजना शिवराज सिंह चौहान की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक है, जिसने लड़की के जन्म के प्रति सामाजिक नजरिए में सकारात्मक परिवर्तन स्थापित किया है। इस योजना ने वर्षों से मध्य प्रदेश के लिंग अनुपात में सुधार करने में मदद की है। आज तक के 28 लाख लाभार्थियों में से 1.5 लाख से अधिक लोग मुस्लिम समुदाय से संबंधित हैं। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना शुरू की है। 5 लाख लाभार्थियों में से करीब 30,000 इसी समुदाय से हैं। मुस्लिम समुदाय की अजमेर शरीफ तीर्थयात्रा को इस योजना के तहत शामिल किया गया है।

इस वर्ष ईद के दौरान चौहान ने मस्जिदों का दौरा किया। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ भी उपस्थित थे। लोग चौहान के साथ सेल्फी लेने और हाथ मिलाने के लिए उमड़ पड़े थे जबकि कुछ लोग कमलनाथ का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रहे थे। इस घटना ने एक झलक दिखाई है कि शिवराज सिंह चौहान लोकप्रियता कैसे हासिल करते हैं, जो आने वाले चुनाव परिणामों का संकेतक भी है।

अमिताभ तिवारी एक पूर्व कॉर्पोरेट और निवेश बैंकर हैं जो अब राजनीति और चुनावों में विशेष रुचि ले रहे हैं। उपरोक्त विचार इनके व्यक्तिगत हैं। इनका ट्विटर हैंडल @politicalbaaba है।