राजनीति
देखें: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के पाँच सबसे यादगार भाषण

एक लंबी बीमारी के बाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का निधन हो गया। 1996 से 1999 के बीच तीन बार निर्वाचित प्रधानमंत्री वाजपेयी जी पाँच साल की पूर्ण अवधि पूरी करने वाले एकमात्र गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे। 2004 में उनके कार्यकाल के अंत में, भारत का सकल घरेलू उत्पाद विकास दो अंकों की ओर बढ़ रहा था, मुद्रास्फीति नियंत्रण में थी और ‘भारत चमक रहा था’।

एक निपुण वक्ता वाजपेयी जी, हास्य-विनोद, दोहों और स्पष्टवादिता के साथ शक्तिशाली भाषण देने के लिए जाने जाते थे।

यहां उनके कुछ सबसे यादगार भाषण दिए गए हैं:

1.) वर्ष 1996 में वाजपेयी जी ने विश्वास मत हासिल किए बिना 13 दिन के कार्यकाल के बाद इस्तीफा दे दिया। उन्होंने संसद को बताया कि उनकी पार्टी एक मजबूत विपक्ष के रूप में कार्य करेगी। वाजपेयी जी ने तत्काल इस्तीफा दे दिया, लेकिन यह उत्तेजक भाषण देने से पहले नहीं।

2.) वर्ष 1980 में भाजपा के प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन में मुंबई में वाजपेयी जी का भाषण। प्रसिद्ध रूप से उन्होंने इस संबोधन के दौरान कहा, “अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा।”

3.) वर्ष 1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षणों के लिए आगे बढ़ने के अपने फैसले का बचाव करते हुए वाजपेयी जी लोकसभा में बोलते हैं।

4.) 1988 में वीर सावरकर जयंती पर वाजपेयी जी बोलते हुए।

5.) अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र में वाजपेयी का संबोधन।