राजनीति
उत्तर प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर योगी के नेतृत्व में राज्य की उपलब्धियों पर एक नज़र

उत्तर प्रदेश आज अपना 71वाँ स्थापना दिवस मना रहा है। आज का दिन 24 करोड़ प्रदेशवासियों के लिए एक भावुक क्षण है, एक पुनर्जागरण का क्षण है क्योंकि आज गौरवशाली इतिहास की यह भूमि अपने खोए हुए वैभव को फिर से प्राप्त करती हुई दिख रही है। कभी देश की राजनीतिक, आर्थिक और संस्कृतिक राजधानी के रूप में विख्यात प्रभु श्रीराम, श्रीकृष्ण की भूमि फिर से अपनी खोई प्रतिष्ठा वापस स्थापित कर रही है।

बाबा गोरखनाथ पीठ के महंत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश फिर उठ खड़ा हुआ है। गौरवमयी इतिहास, संस्कृतिक विरासत की धनी और प्राकृतिक संसाधन से परिपूर्ण, पतित पावनी गंगा की भूमि उत्तर प्रदेश का इतिहास उतना ही पुराना है जितना इस महान राष्ट्र भारत का इतिहास। सर्वाधिक जनसंख्या वाला यह राज्य सर्वाधिक तथ्यों, कीर्तिमानों, और उपलब्धियों को समेटे हुए है।

परंतु स्वतंत्रता के बाद वंशवाद, जातिवाद, कुव्यवस्था, और भ्रष्टाचार के दानव ने प्रदेश को उतना ही आघात पहुँचाया जितना की आक्रांताओं ने, अंग्रेज़ों ने। सर्व-संपन्न होने के बावजूद उत्तर प्रदेश एक पिछड़ा राज्य बन गया। 2017 में एक महंत, जिसे मातृभूमि पर गर्व, “कर्म को धर्म” और चुनौतियों को स्वीकारना पसंद था, राजनीति एक व्यवसाय नहीं बल्कि सेवा का माध्यम था, ने प्रदेश की सत्ता की कमान संभाली।

राज्य ने वर्ष 2018 से “उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस” को भव्यता एवं उल्लासपूर्वक मनाना शुरू किया। आपर संभावनाओं वाले प्रदेश के विकास को मानों ग्रहण लग गया था। योगी ने एक साधक की तरह प्रदेश को संवारना शुरू किया और सिर्फ चार साल में एक “नए उत्तर प्रदेश” की परिकल्पना को एक स्वरूप मिलने लगा।

चाहे वह प्रदेश की नींव- कृषि का क्षेत्र या प्रदेश की रीढ़- औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचना या फिर प्रदेश की धुरी- मानव संपदा को तराशना, हर दिशा में कार्य शुरू किया। एक्सप्रेसवे निर्माण से लेकर स्वास्थ्य और साक्षरता, महिला सशक्तिकरण से लेकर स्वरोजगार तक, सुरक्षा से लेकर स्वावलंबन तक, योगी प्रदेश के हर कोने, हर एक पहलु को संवार रहे हैं।

सांस्कृतिक राजधानी के रूप में पुनः स्थापित हो रहा उत्तर प्रदेश

धर्म और अध्यात्म के इस राज्य में अयोध्या, मथुरा, प्रयागराज और वाराणसी जैसे पौराणिक स्थल उपेक्षा के शिकार थे। योगी ने सांस्कृतिक धरोहरों का खोया हुआ सम्मान वापस दिलाया। आज अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हो रहा है। अयोध्या की दीपावली विश्व में चर्चित है। दीपोत्सव कार्यक्रम में 6.06 लाख अधिक दीप प्रजवल्लित कर गिनीज़ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज कराया।

योगी के नेतृत्व में प्रयागराज में भव्य कुंभ मेले का आयोजन पूरे विश्व ने देखा और सराहा। अव्यवस्था और गंदगी का पर्याय बन गया कुभ मेला अब देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। काशी के घाटों को ऐसा संवारा गया की गंगा आरती विश्व विख्यात हो गई। योगी ने संस्कृति और आस्था को पुनर्जागृत ही नही किया बल्कि इससे प्रदेश के पर्टन क्षेत्र को पुनर्जीवित कर दिया।

औद्योगिक विकास और आधारभूत ढाँचे का निर्माण कर रहा उत्तर प्रदेश

आपदा को अवसर में बदलते हुए योगी सरकार ने कोरोना काल की हर चुनौती का स्वीकारा है। आज यूपी एक ‘एक्सपोर्ट जायंट’ के रूप में उभर रहा है। प्रदेश के चावल, सिल्क, कारपेट, चीनी, पॉटरी, खिलोने जैसे सामानों को विदेशों से आर्डर मिल रहें है।

प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी है। महाराज जी की नीतियों का ही नतीजा है कि प्रदेश ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ की रैंकिंग में 14वें पायदान से दूसरे नंबर पर पहुँच गया। आज सैमसंग, ओप्पो जैसी बड़ी कंपनियाँ प्रदेश में निवेश कर रही हैं। फिल्मसिटी एक और महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट है जिससे रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और संभावनाओ के नए द्वार खुलेंगे।

उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, रक्षा गलियारे का निर्माण विभिन्न चरणों पर है। प्रदेश को ‘एक्सप्रेसवे प्रदेश’ कहा जा रहा है। हवाई अड्डा निर्माण और हवाई संयोजकता के लिए तेज़ी से कार्य हो रहा है।

तकनीकी से तरक्की के पथ पर उत्तर प्रदेश

योगी ने “तरक्की और तकनीक” के मंत्र को अपनाया और डिजिटल यूपी का निर्माण शुरू हो गया। अब कृषि क्षेत्र से लेकर सड़क सुरक्षा तक डिजिटलीकरण से जुड़ रहें है। पहली बार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में यूपी का नाम चमका, लखनऊ नगर निगम ने उत्तर भारत का पहला म्यूनिसिपल बांड बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में जारी किया।

ई-संजीवनी ऐप से परामर्श लेने में देश में प्रदेश दूसरे पायदान पर पहुँचा, प्रदेश में रोजाना 4,000 से ज्यादा लोग टेली कंसल्टेशन की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। ई-चालान लागू करने वाला यूपी देश का पहला राज्य बना और बीएलसी घटक आवास निर्माण में पूरे देश में पीएफएमएस पोर्टल द्वारा डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों को धनराशि भेजने में प्रथम बना। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लागू डिजिटल भूमि प्रबंधन को स्वर्ण पुरस्कार मिला। उत्तर प्रदेश कोरोना काल में सबसे ज्यादा डिजिटल भुगतान करने वाला प्रदेश बना।

रोजगार और सम्मान, आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नई पहचान

24 करोड़ की आबादी जो कि कई यूरोपीय देशों से ज्यादा है, के लिए वैश्विक महामारी कोरोना और लॉकडाउन से प्रभावित अर्थव्यवस्था के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए कारगर उपाय किए गए। योगी की कोरोना प्रबंधन रणनीति को विश्व भर में सराहा गया। अब प्रदेश में वैक्सीनेशन का कार्य सफलता से संपन्न किया जा रहा है।

योगी ने मिशन रोजगार के तहत 4 लाख से ज्यादा लोगों को सरकारी नौकरी और 30 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। एमएसएमई के तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों की स्थापना में प्रदेश को देश प्रथम स्थान मिला।

एक दूरदर्शी राजनीतिज्ञ के विज़न का ही नतीजा है- युवाओं को प्रशिक्षित करने व रोजगार देने के महा-अभियान का प्रारंभ होना। प्रदेश ‘कौशल विकास नीति’ लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना। वही ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ जैसी क्रांतकारी पहल ने स्थानीय कारीगरों को रोजगार और सम्मान प्रदान किया।

कृषि व किसान, प्रदेश का अभिमान

उत्तर प्रदेश की बागडोर संभालते ही गन्ना किसानों की समस्याओं का योगी ने निस्तारण शुरू कर दिया। पिछली सरकारों ने जहाँ 29 चीनी मिले बंद की, योगी ने न केवल बंद चीनी मिलों को चालू करवाया बल्कि गन्ना किसानों की बकाया राशि का भुगतान भी करवाया।

योगी सरकार ने तीन साल के कार्यकाल में डेढ़ दर्जन से ज्यादा चीनी मिलों की पेराई क्षमता में भी वृद्धि करवाई है। पुरानी मिलों को चालू करने के साथ ही नई चीनी मिलों की स्थापना भी की गई।

किसानों के लिए बाज़ार को व्यापक बनाने के दृष्टिकोण से मण्डी अधिनियम में संशोधन करने वाला उप्र देश का प्रथम राज्य बना। उत्तर प्रदेश की ‘द मिलियन फार्मर्स स्कूल योजना’ को अभिनव प्रयोग मानते हुए इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट वाशिंगटन द्वारा अन्य देशों में लागू करने की अनुशंसा दी गई है।

संगठित अपराध का खात्मा

जंगलराज का पर्याय बन चुके प्रदेश ने योगी के नेतृत्व में अपराध के खिलाफ अपनी ‘ज़ीरो टॉलरेंस नीति’ अपनाई। अपराधियों और बाहुबलियों पर नकेल कसने का काम शुरू हुआ। अवैध कब्ज़ों से ज़मीन को और बिचालियों से किसानों को बचाने में महाराज ने कोई कसर नहीं छोड़ी। भू-माफियाओं और अपराधियों की छाती पर बुलडोज़र चली है पिछले करीब चार वर्षों में।

“एक उद्देश्य- समृद्ध प्रदेश” की संकल्पना को साकार करने हेतु मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में “नया उत्तर प्रदेश नए सफर” पर निकल पड़ा है।
प्रदेशवासियों को उप्र स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई।