राजनीति
मार्क्स के अभिशाप ने घेरा सबरीमाला को, पुलिस के प्रतिबंधों का विरोध कर रहे भक्तों की देर रात को गिरफ्तारी
सबरीमाला और ‘संवैधानिक नैतिकता’ के साथ वास्तविक समस्याएं

सबरीमाला मंदिर में द्वि-मासीय भक्ति पर्व के तीसरे दिन सैंकड़ो श्रद्धालु नंदापंतल क्षेत्र में रविवार को एकत्रित हो गए और पुलिस के अवरोधों के प्रति उत्तेजना व्यक्त की।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया  की रिपोर्ट के अनुसार 80 से अधिक भक्तों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। पहले हुई हिंसात्मक घटनाओं के कारण सन्निधानम में पुलिस ने भक्तों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, यहाँ तक कि उन्हें रात को रुकने भी नहीं दिया जा रहा है।

जिन भक्तों को सन्निधानम से निकलने के लिए कहा गया था, वे सभी नंदापंतल में एकत्रित हो गए और सबरीमाला की चोटी की ओर जाने वाले मार्ग के घेरकर एक झुंड बनाकर प्रार्थना गाने लगे। फिर पुलिस ने श्रद्धालुओं को शांत करने का प्रयास किया।

गुरुवार शाम को मंदिर द्वि-मासीय वार्षिक उत्सव के लिए खुला था। केरला से अधिक श्रद्धालु अन्य राज्यों से आए हुए हैं।

हालाँकि भक्तों को कम भीड़ के कारण दर्शन के लिए अधिक समय मिला, कुछ भक्त इस बात से नाराज़ थे कि उन्हें सन्निधानम में अधिक समय व्यतीत नहीं करने दिया गया।

पुलिस ने इस बार कई प्रतिबंध लगाए हैं, पलक्कड़ निवासी रेनीश ने बताया, “भक्तों से अपराधियों के समान व्यवहार किया जा रहा है, उन्हें सख्त सुरक्षा प्रक्रियाओं से गुज़रना पड़ रहा है। मेरी माँ जो बूढ़ी हैं, उन्हें भी उसी कड़ी सुरक्षा प्रक्रिया को झेलना पड़ा। उन्होंने हमारे झोले, यहाँ तक कि पानी की बोतलों की भी ऐसे जाँच की जैसे हम अपराधी हैं।”

पहाड़ी तीर्थ स्थल की सुरक्षा अधिकारी पुलिस महानिरीक्षक विजय साखरे ने शनिवार को बताया था कि पिछली हिंसात्मक घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी।

“अधिकतर लोगों ने पुलिस द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के प्रति आशंका व्यक्त की है। इसके ऊपर से शनिवार को हड़ताल भी थी और आज कुछ पार्टियाँ विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। इन सभी कारणों से सन्निधानम पर कम भीड़ है”, एक शीर्ष देवास्वोम अधिकारी ने बताया।