राजनीति
महाराष्ट्र में गठबंधन के लिए शिव सेना ने रखी भारी मांग, भाजपा तैयार नहीं

2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों हेतु महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना के मध्य गठबंधन वार्ता किसी भी निष्कर्ष तक नहीं पहुँच पा रही है।

जहाँ एक तरफ शिव सेना ने कहा है कि यदि गठबंधन होगा तो वह लोकसभा व विधानसभा, दोनों चुनावों के लिए होगा, अन्यथा नहीं।  वहीं दूसरी ओर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने महाराष्ट्र के भाजपा सांसदों के साथ बैठक में यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा के नुकसान के मूल्य पर वे किसी प्रकार का गठबंधन नहीं करेंगे, इंडिया टूडे  की रिपोर्ट में बताया गया। अमित शाह ने भाजपा सांसदों से कहा, “हम कुछ भी खोकर गठबंधन में क्यों शामिल हों।”

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनावों के छ: महीने बाद ही बिहार तथा महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। वहीं तीन राज्यों में मिली शिकस्त के बाद भाजपा गठबंधन सहयोगियों के साथ समझौते करते हुए भी नज़र आ रही है।

बिहार में 2014 के चुनावों में जीती हुई पाँच सीटें भाजपा छोड़ने जा रही है ताकि जदयू के साथ 17-17 सीटों का बराबर बँटवारा हो सके। वहीं इसी क्रम में शिवसेना भी आगामी विधानसभा चुनावों के लिए बराबरी की हिस्सेदारी चाहती थी लेकिन वर्तमान में महारष्ट्र में भाजपा के 123 विधायक पहले से हैं। अत: वह 288 में से केवल 144 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कतई नहीं मानेगी।