राजनीति
सबरीमाला विवाद- नियम लागू करने में परेशान केरल पुलिस खटखटा सकती है सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा

सबरीमाला में भक्तों और पुलिस के बीच का संघर्ष चरम पर पहुँच गया है क्योंकि कुछ रिपोर्टों के अनुसार कुछ पुलिस अफसर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को लागू करने में उन्हें क्या परेशानी आई, बताने के लिए न्यायालय जाएँगे। कुछ पुलिस अफसरों के वैधानिक रास्ता अपनाने के इस निर्णय को पुलिस विभाग ने टाल दिया है। कानूनी सलाहकारों ने कहा है कि यह कदम पुलिस विभाग को उल्टा पड़ सकता है।

इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी कानूनी सलाह माँगी है। “अभी तक केरल उच्च न्यायालय में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को पुलिस द्वारा लागू करने की कार्यवाही के विरुद्ध 32 याचिकाएँ दर्ज की जा चुकी हैं। ये याचिकाएँ खारिज कर दी गईं हैं लेकिन क्या याचिका दर्ज करने के इस चलन को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए? सर्वोच्च न्यायालय कौन जाएगा, अधिकारी या विभाग, यह एक वैधानिक मुद्दा है और विचाराधीन है।”, इंडियन एक्सप्रेस  ने रिपोर्ट किया।

हालाँकि केरल उच्च न्यायालय ने पुलिस को सख्ती न बरतने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने भक्तों पर पुलिस की अत्यधिक कार्यवाही की निंदा करते हुए कहा, “पुलिस को बैरकों के पीछे रहना चाहिए।” इसी कारण से कुछ पुलिस अधिकारी सर्वोच्च न्यायालय की सहायता लेने का विचार बना रहे थे।

अयप्पा के मंत्र गाने और कर्फ्यू का पालन न करने के कारण पुलिस द्वारा भक्तों की गिरफ्तारी की कड़ी आलोचना हुई थी।