राजनीति
पंजाब की इतिहास पुस्तकों में सिख गुरुओं का अपमान, अकाली दल ने बताया इसे कांग्रेस की साज़िश

पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के दबाव में कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने शिक्षा मंत्री से कक्षा 11वीं व 12वीं की पुरानी इतिहास पुस्तकों को जारी रखने के निर्देश दिए हैं क्योंकि नई पुस्तकों की समीक्षा अभी विचाराधीन है।

नई पुस्तकों में कुछ विकृतियों ने गौरवशाली सिखों के मान को ठेस पहुँचाई है। इन पुस्तकों में कथित तौर पर यह उल्लेख है कि मुग़लों को गुरु गोबिंद के धर्म से कोई परेशानी नहीं थी बल्कि इस बात से परेशानी थी कि वे कुत्तों का शिकार करते थे और अर्जुन देव को मुग़लों ने मारा नहीं था ब्लकि उनपर केवल जुर्माना लगाया था। और सबसे बड़ी बात, सिखों के 10वें गुरु, गुरू गोबिंद सिंह चमकौर साहब की रणभूमि को बिना किसी को सूचित किए छोड़कर चले गए थे जो कि गलत और अपमानजनक है।

अकाली दल के मुखिया सुखबीर सिंह बादल ने तथ्यों को गलत प्रस्तुत करने पर सरकार की कड़ी निंदा की और धमकी दी कि इस प्रकार की गतिविधियों के विरोध में उनकी पार्टी विशाल प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब इस प्रकार के अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि यह एक गलती नहीं बल्कि साहिबान को नष्ट करने की कांग्रेस की साज़िश है। उन्होंने सरकार से क्षमा-याचना करने को कहा और इस मामले पर एफ.आई.आर. दर्ज कराने की भी बात कही। उन्होंने कांग्रेस को चेतावनी दी कि नुकसान की भरपाई करें अन्यथा खालसा पंथ का आक्रोश झेलने के लिए तैयार रहें, टाइम्स ऑफ़ इंडिया  ने रिपोर्ट किया।