राजनीति
प्रियंका गांधी के दावे गलत, बुंदेलखंड में मौत की सही वजह बताई उप-जिलाधिकारी ने

प्रियंका गांधी ने शनिवार (13 जून) को ट्वीट करके बुंदेलखंड में किसानों और श्रमिकों की आत्महत्या के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा था। इन मामलों में उप-जिलाधिकारी ने अब अपनी आख्या पेश की है। इसमें दावा किया कि उन्होंने ऋण में डूबकर नहीं बल्कि गृह कलेश की वजह से आत्महत्या की थी। साथ ही जिनके प्रवासी श्रमिक होने के दावे प्रियंका कर रही थीं, वो असल में प्रदेश के ही निवासी थे और विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित थे।

रिपोर्ट के अनुसार, कानपुर से भाजपा सांसद सत्यदेव पचौरी ने प्रियंका गांधी पर तंज कसते हुए ट्वीट किया। उन्होंने हवाबाज़ी में आरोप लगाने से पहले सही से तफ्तीश करने की सलाह दी।

दरअसल, प्रियंका गांधी ने प्रमुख समाचार-पत्रों की खबरों की छाया प्रति के साथ योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा था कि बुंदेलखंड में गत एक सप्ताह में चार किसानों और मजदूरों ने खुदकुशी कर ली है। इसमें प्रवासी मजदूर भी थे, जो लौटे थे। सरकार मैपिंग के झूठे दावे कर रही है, जबकि उनके मैप में किसानों और श्रमिकों को जगह ही नहीं दी गई है।

ये मामले झांसी के मोंठ, मऊरानीपुर, सिजारी के हैं। उप-जिलाधिकारी ने अपनी आख्या में प्रमुख अखबारों द्वारा विभिन्न शीर्षकों से प्रकाशित समाचारों के संबंध में जाँच कराई, जिसमें कुछ और ही मामले सामने निकलकर आए।

मोंठ में किसान मूरत सिंह की मौत की वजह आर्थिक तंगी बताई गई, जबकि जाँच में सामने आया कि मकान को लेकर उसका बेटे रोहित कुमार से विवाद था। यह घटना पारिवारिक कलह की वजह से घटित हुई। मऊरानीपुर में श्रमिक पूरन अहिरवार की कर्ज में डूबने की वजह से खुदकुशी की बात कही गई, जबकि वह अपने नाती की मौत से दुखी था और उसके यहाँ दुर्घटना से पहले गृहकलेश हुआ था। उसका परिवार कई तरह की सरकारी योजनाओं का लाभ भी ले रहा है।

मऊरानीपुर के ही सिजारी में राघवेंद्र राजपूत की मौत की वजह आर्थिक तंगी नहीं बल्कि गृह कलेश था। वह मद्यपान किया करता था, जिससे घर में विवाद होता रहता था। उसका परिवार भी कई प्रदेश सरकार की योजनाओं से लाभांवित था।