राजनीति
कोविड-19 से निपटने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों का 77% ने किया समर्थन
आईएएनएस - 24th July 2020

कोविड-19 संक्रमण से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार जो कार्य कर रही है, उसका तीन चौथाई से अधिक लोगों ने समर्थन किया है। ये परिणाम आईएएनएस-सीवोटर कोविड-19 ट्रैकर के ताजा सर्वेक्षण में सामने आए हैं।

देशभर में 1,723 लोगों पर किए गए नवीनतम सर्वेक्षण के अनुसार, 77.3 प्रतिशत लोगों ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा कोविड-19 से निपटने के लिए किए गए कार्यों पर अपनी सहमति जताई है। वहीं 19.1 प्रतिशत लोग असहमत हुए। हालाँकि, सहमति का प्रतिशत गत महीनों में उतना अधिक नहीं है और लंबी आर्थिक स्थिति लोगों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। अप्रैल-जून की अवधि में सहमति का प्रतिशत 90 और 80 के बीच में था जो हाल में नीचे आ गया।

कई महीने बीतने के बाद बढ़ते कोरोना संकट के नई ऊँचाइयों पर पहुँचने के बाद करीब 60 प्रतिशत लोगों को लगता है कि वे संक्रमित हो सकते हैं। सर्वेक्षण का एक सवाल था कि मुझे डर है कि मेरे या परिवार में कोई व्यक्ति संक्रमित हो सकता है। इससे 59.8 प्रतिशत सहमत थे, जबकि 34.9 प्रतिशत असहमत मिले।

वहीं, कोरोनावायरस की स्थिति को देखने के बाद सर्वेक्षण के करीब आधे लोगों का मानना है कि इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। ऐसे लोगों का प्रतिशत 49.3 है, जबकि 41.2 प्रतिशत लोग इससे असहमत हैं।

लॉकडाउन के अनुभव के साथ लोग किराने और राशन का भंडारण करके रखने लगे हैं और इसको लेकर सतर्क हो गए हैं। कुल 54.3 प्रतिशत ने कहा कि उनके पास तीन सप्ताह से अधिक का राशन है, जबकि 44.7 प्रतिशत ने कहा कि उनके पास तीन सप्ताह से कम का राशन है।

उधर, लॉकडाउन के बाद से 23.97 प्रतिशत पूरी तरह से काम से बाहर हो गए या उन्हें बाहर रखा गया। लॉकडाउन में ढील देने के बाद 21.57 फीसदी लोगों की पूरी तरह छंटनी हो गई है या वो बेकार हो गए हैं।

आश्चर्यजनक रूप से बड़े पैमाने पर 91.44 प्रतिशत लोगों ने माना कि लाखों कोविड-19 के मामले बढ़ने के बावजूद उनके परिवार या जानने वालों में कोई भी वायरस से संक्रमित नहीं हुआ है।