राजनीति / व्यापार
प्रधानमंत्री का व्यापारियों और उद्यमियों को समर्थन, कहा “कॉर्पोरेट सामाजिक विकास में सहायक”

कॉर्पोरेट भारत की अनुचित आलोचनाओं से रक्षा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (24 अक्टूबर) को कहा कि वे उद्योगों और कॉर्पोरेट सेक्टर की आलोचना करने की संस्कृति में विश्वास नहीं रखते हैं, पी.टी.आई.  ने रिपोर्ट किया। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर डाला कि सामाजिक उत्थान में नागरिकों का बहुत बड़ा योगदान होता है और वे स्वयं को मात्र कर-दाता न समझें।

“हमारे देश में, व्यापारियों और उद्यमियों को बुरा-भला कहना आम बात है। मुझे नहीं पता क्यों पर अब इसका चलन चल चुका है। विचार की इस दिशा से मैं सहमत नहीं हूँ।”, प्रधानमंत्री मोदी ने टाउन हॉल बैठक के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के कर्मचारियों से कहा। “हमने आज इस टाउन हॉल कार्यक्रम में देखा कि कैसे सूचना प्रौद्योगिकी कॉर्पोरेट संस्थाओं ने कमाल का सामाजिक कार्य किया है और अपने कर्मचारियों को भी समाज में योगदान देने के लिए प्रोत्याहित किया है।”, उन्होंने जोड़ा।

इस बयान से प्रधानमंत्री का कंपनियों को समर्थन परिलक्षित होता है। जुलाई में भी मोदी ने कहा था कि वे स्वयं को बड़े व्यापारियों के साथ देखे जाने से डरते नहीं हैं क्योंकि उनके इरादे नेक हैं।

“जो मुझपर व्यापारियों से मित्रता करने का आरोप लगाते हैं, वे वही लोग हैं जो खुद भी इन उद्योगकर्मियों से मिलते हैं परंतु छिप-छिपकर। अमर सिंह यहाँ उपस्थित हैं और वे अच्छे से जानते हैं कि कौन किससे बंद दरवाज़ों के पीछे मिलता है। अगर नीयत साफ हो तो किसी के साथ भी खड़े हो, दाग नहीं लगता।”, उन्होंने कहा।

मोदी सरकार के प्रयासों के कारण व्यापार की सुलभता में वर्ल्ड बैंक रैंकिग में भारत 30 पायदान ऊपर पहुँच गया है। 24 अक्टूबर को स्वराज्य ने रिपोर्ट किया था कि पिछले तीन वर्षों में करोड़पति करदाताओं की संख्या 60 प्रतिशत बढ़ गई है।