राजनीति
“अंत भला तो सब भला”- संसद सत्र का समापन प्रधानमंत्री मोदी के व्यंगों के साथ

बुधवार (13 फरवरी) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम लोक सभा चुनावों से पहले अपना 16वां और आखिरी लोक सभा भाषण दिया। लोक सभा चुनाव देश में अप्रैल और मई के महीने में होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने आपने आधे घंटे के इस लोक सभा भाषण में लोक सभा की सभापति सुमित्रा महाजन को धन्यवाद किया, कि किस तरह उन्होंने सदन को धैर्य और सफलतापूर्वक चलाया। मोदी ने सदन में महिलाओं को संबोधित किया और साथ ही अपनी पार्टी का सराहा की यही एक ऐसी पार्टी है जिसमें देश की रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री महिलाएँ हैं।

अपनी पार्टी को और उसके कार्यों को मोदी ने बखूबी अपने इस लोक भाषण में सराहा। फिर बात चाहे विदेश में भारत की गरिमा की हो, पाँच खरब की अर्थव्यवस्था की हो या भारत की अर्थव्यवस्था को विश्व में छठे स्थान पर लाने की हो, हर जगह पार्टी और कार्यकर्ताओं का हाथ ऊपर ही रखा गया।

कुछ आंकड़ों और नई योजनाओं पर भी प्रधानमंत्री बोले कि उनके कार्यकाल में 219 नए विधेयक सदन में प्रस्तावित किए गए और 203 विधेयक पारित किए गए। और साथ ही विदेश का द्रष्टिकोण बताते हुए कहा कि, “सारा संसार अचंभित है कि भारत जैसे देश में मातृत्व अवकाश अब 12 हफ़्तों से लेकर 26 हफ़्तों का कर दिया है”, मोदी ने साथ ही साथ यह भी कहा कि इसी सदन के सदस्यों ने मिलकर 1400 से ज़्यादा क़ानूनों को खत्म किया है। इसे शुभारंभ बताते हुए मुलायम सिंह यादव का इस कार्य में ठहाकों के साथ बड़ों आशीर्वाद चाहा।

तुकबन्दी में प्रधानमंत्री इस बार भी पीछे नही हटे और कहा कि “इस सदन को और भी बहुत सी बातों का आनंद आएगा, हम कभी-कभी सुनते थे कि भूकंप आएगा”।

कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खरगे के लिए आभार व्यक्त किया कि उनके भाषणों से मोदी को अपने भाषणों के लिए मदद मिलती रही है।

प्रधानमंत्री ने सदन को इस बात के लिए भी धन्यवाद कहा कि “उन्होंने यहीं पहली बार देखा कि गले मिलने और गले पड़ने में क्या अंतर होता है”, और पहली बार उन्होंने सदन में देखा कि किस तरह “आंखों से गुस्ताखियां होती हैं”।