राजनीति
“राष्ट्र-निर्माण गतिविधियों” में भाग लेने की अपील, सरकारी कर्मचारियों की माँग- संघ से संबंध पर प्रतिबंध के नियम हटें

भारतीय मजदूर संघ से संबंधित सरकारी कर्मचारियों के राष्ट्रीय महासंघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर इस नियम में संशोधन की माँग की है जिसके अनुसार केंद्रीय सरकार के कर्मचारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रमों में भाग नहीं ले सकते, द हिंदू  ने रिपोर्ट किया।

कनफेडरेशन के महासचिव साधु सिंह ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वे “राष्ट्र-निर्माण गतिविधियों” में सरकारी कर्मचारियों की भागीदारी के लिए आवश्यक संशोधन करें।

यह प्रतिबंध 1966 में इंदिरा गांधी सरकार द्वारा लगाया गया था। हालाँकि जनता सरकार के शासन के समय यह प्रतिबंध हटा दिया गया था परंतु 1980 में इसे फिर से लागू कर दिया गया।

कर्मचारी संघ ने गुजरात में केशुभाई पटेल की भाजपा सरकार के पदचिह्नों पर चलते हुए हुए प्रधानमंत्री को यह कदम उठाने के लिए कहा। राज्य सरकार ने उस नियम को संशोधित किया था जिसने सरकारी कर्मचारियों के संघ से संबंध को निषेध कर रखा था।

1975 के निर्देशानुसार यदि कोई भी कर्मचारी इस ऑर्डर के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करता है तो उसे अधिकतम सात साल की कैद अथवा जुर्माना अथवा दोनों चुकाना पड़ सकता है।

इन निर्देशों के अनुसार जो इंदिरा गांधी सरकार द्वारा जारी किए गए थे, सरकारी कर्मचारी न संघ का प्रचार कर सकते हैं और न ही उनकी बैठकों में भाग ले सकते हैं। कर्मचारी कनफेडरेशन के महसचिव साधु सिंह ने कहा कि आर एस एस एक सामाजिक संस्था है और जो सरकारी कर्मचारी इन गतिविधियों में भाग लेना चाहते हैं, वे इस नियम के कारण वंचित रह जाते हैं।