राजनीति
सबरीमाला मंदिर में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित? केरला उच्च न्यायालय में दायर की गई याचिका

एक अयप्पा भक्त, टी.जी. मोहनदास ने केरला उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है कि गैर-हिंदुओं को सबरीमाला मंदिर में प्रवेश ना मिले, द हिंदू  ने रिपोर्ट किया। उच्च न्यायालय ने सरकार को प्रतिक्रिया का समय देते हुए सुनवाई 29 अक्टूबर तक स्थगित कर दी है।

याचिका में कहा गया है कि केरला सार्वजिनक पूजा के हिंदू स्थल अधिनियम, 1965 में से सर्वोच्च न्यायालय ने केवल नियम 3 (ब) को निरस्त किया है जिसके बाद अब सभी आयुवर्गों की महिलाएँ मंदिर में प्रवेश कर सकती हैं परंतु नियम 3 (अ), (स), (द) व (फ) अभी भी लागू हैं।

इन नियमों के अनुसार देवास्वोम बोर्ड के अंतर्गत आने वाले हिंदू मंदिरों में गैर-हिंदुओं और नशा करके आने वालों का प्रवेश वर्जित है। मानसिक रूप से विकृत व्यक्तियों का भी प्रवेश वर्जित है अन्यथा उन्हें संभालने के लिए कोई उनके साथ हो।

मोहनदास का कहना है कि सबरीमाला में गैर-हिंदू महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देकर राज्य सरकार ने एक सामुदायिक विवाद को उत्पन्न किया है। उन्होंने यह भी कहा, “सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के नियम को लागू करने से पहले सभी हितधारकों का विश्वास अर्जित करने का प्रयास तक नहीं किया। यदि नियम लागू करने से पहले चर्चा की गई होती तो स्थिति इतनी अस्थिर न होती।”